माधव गौतम| बारां जिले के शाहाबाद में अब राज्य सरकार द्वारा कूनो नदी बेसिन को विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत अब कूनो नदी पर 4 नए उच्च क्षमता के एनीकट बनाए जाएंगे। साथ ही 2 एनीकट की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा 150 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इसको लेकर जल संसाधन विभाग ने टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। जल संसाधन विभाग के अनुसार शाहाबाद तहसील में 4 नए एनीकट बनाने और 2 एनीकट की ऊंचाई बढ़ाने की स्वीकृति मिल गई है। संदोकड़ा में 30.20 करोड़ रुपए की लागत से 0.80 एमसीएम क्षमता का एनीकट बनाया जाएगा। इससे पहाड़ी वीरान, नोनखरा व भुसरेटी बूडी गांव की 300 हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। साथ ही मानपुर में 30.35 करोड़ रुपए की लागत से 0.90 एमसीएम क्षमता का एनीकट बनेगा। इससे मानपुर, तिपरका व मंडी सहजना गांव की 350 हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। वहीं भोयल गांव में 7.58 करोड़ रुपए से 0.30 एमसीएम क्षमता का एनीकट बनेगा। इससे भोयल और गुर्जरा गांव को फायदा मिलेगा। भूजल स्तर में बढ़ोतरी होगी शाहाबाद क्षेत्र में जिले का सबसे सघन वन है। यहां पर बड़ी संख्या में वन्यजीव मौजूद है। साथ ही आगामी दिनों में चीता कॉरीडोर में भी शाहाबाद शामिल है। ऐसे में यहां पर नए एनीकट और बांध बनने से क्षेत्र के भूजल स्तर में भी बढ़ोतरी होगी। साथ ही वन्यजीवों को भी पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो सकेगा। जिससे यहां पर आगामी दिनों में ईको-टूरिज्म की संभावना बढ़ेगी। ^शाहाबाद क्षेत्र में कूनो नदी पर करीब 150 करोड़ रुपए से 4 नए एनीकट व 2 एनीकट की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी। इससे क्षेत्र की करीब 1500 हैक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी। साथ ही इससे क्षेत्र के भूजलस्तर में भी बढ़ोतरी होने के साथ वन्यजीवों को भी पानी मिल सकेगा। इसको लेकर विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। – प्रेमचंद मीणा, एसई, जल संसाधन विभाग बारां जल संसाधन विभाग के अनुसार कूनो नदी पर ही स्थित डूडावर गांव में 26.45 करोड़ से 1.50 एमसीएम की क्षमता से एनीकट का विस्तार होगा। इससे डूडावर, गांजन व शुभधरा की 500 हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। साथ ही तिलगंवा में करई नदी पर 22.99 करोड़ से 1.50 एमसीएम की क्षमता से एनीकट का विस्तार होगा। इससे तिलगंवा, गैसवा व बूढानोनेरा गांव की 450 हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। वहीं कूनो नदी पर कस्बा नोनेरा में 32.37 करोड़ रुपए से 1.30 एमसीएम क्षमता का एनीकट बनेगा। इससे बल्हारपुर, श्रृंगेश्वर, बेंट व आमखोह गांव की करीब 400 हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। यह सभी एनीकट सोलर आधारित स्प्रिंकलर सिस्टम पर बनेंगे। इससे किसानों को खेतों में पाइप लाइन से सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा। इससे किसानों को फायदा मिलेगा। किसानों को खेतों में पाइपलाइन से सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा


