भारतीय जनता पार्टी का जगदलपुर विधानसभा स्तरीय सक्रिय कार्यकर्ता सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी टाउन हॉल में कार्यकर्ता जुटे। जगदलपुर MLA और BJP प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि, पद नहीं, संगठन के प्रति समर्पण ही नेतृत्व तय करता है। सरकार बन गई है, सरकार में रहते कोई भी कार्यकर्ता अहंकार न करें। विनम्र रहें। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि भाजपा में पदाधिकारी बनने के लिए सक्रिय सदस्य बनना अनिवार्य है। हर सक्रिय सदस्य पदाधिकारी बने, यह आवश्यक नहीं, बल्कि दक्षता और कुशलता के आधार पर ही जिम्मेदारी तय की जाती है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। यह हमारी कार्यशैली, बैठकें, सम्मेलनों और नीतियों के साथ आपसी संवाद का ही परिणाम है। किरण देव ने कहा कि कभी हर चुनाव में कांग्रेस को जीत मिलती थी, लेकिन आज भाजपा का परचम देश के कोने-कोने में लहरा रहा है। इसका श्रेय कार्यकर्ताओं को जाता है। आप सभी सक्रिय कार्यकर्ता ही भविष्य के सांसद, विधायक और मंत्री बन सकते हैं। किरण देव ने कहा कि भाजपा के जो कार्यकर्ता आज सक्रिय रूप से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं, वे ही भविष्य में सांसद, विधायक और मंत्री जैसे अहम पदों पर दिखाई देंगे। सबकी मेहनत से निकाय चुनाव जीते लेकिन इसके लिए कठिन परिश्रम और संगठन की कसौटी पर खरा उतरना जरूरी है। नगरीय निकाय चुनावों में भाजपा ने 91 प्रतिशत से अधिक क्षेत्रों में जीत दर्ज की है। जो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं का परिणाम है। उन्होंने कहा सरकार बनने के बाद विनम्रता बढ़नी चाहिए। हिमालय की चोटी पर पहुंचने के बाद आगे सिर्फ वायुमंडल है, इसलिए सत्ता में रहते हुए भी अहंकार नहीं आना चाहिए। पार्टी को किया गया मजबूत बस्तर भाजपा सांसद महेश कश्यप ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी है। संगठन सूत्र ‘संघे शक्ति कलियुगे’ को आधार बनाकर पार्टी को मजबूत किया गया है। भाजपा का हर कार्यकर्ता संगठन का अभिन्न अंग है। संगठन की शक्ति के कारण ही भाजपा का नाम आज विश्व में गर्व से लिया जाता है। ये नेता रहे मौजूद इस कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवनारायण पांडेय, विद्याशरण तिवारी, कमल चंद भंजदेव, महापौर संजय पांडेय, निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, योगेंद्र पांडेय, गोदावरी साहू, श्रीधर ओझा, अश्विनी सरडे, रजनीश पाणिग्रही, आलोक अवस्थी, पदलाम नाग समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।


