मध्यप्रदेश में सोने की अब तक की सबसे बड़ी जब्ती:भोपाल में इनकम टैक्स और लोकायुक्त की छापेमारी, दोनों जगह आरटीओ का नाम…

एक तरफ- फार्म हाउस के अंदर कार में …और केंद्र में दूसरी तरफ – सिपाही के घर से… मध्य प्रदेश में आयकर और लोकायुक्त पुलिस की छापेमारी के बीच भोपाल के मेंडोरी में 54 किलो सोना और 9.86 करोड़ रुपए नकदी मिलने से हड़कंप मच गया है। गुरुवार-शुक्रवार की दरिम्यानी रात को एक फार्म हाउस में लावारिस खड़ी इनोवा कार से इन्हें आयकर की टीम ने बरामद किया। सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह सोना और नकदी आखिर है किसकी? लोकायुक्त पुलिस और आयकर विभाग की टीम जवाब तलाश रही हैं। हालांकि, घटनाक्रम और परिस्थिति पूरी तरह आरटीओ के पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा की ओर इशारा कर रही हैं। इस बीच, सौरभ के ठिकानों से 8 करोड़ से ज्यादा की अचल संपत्ति मिली है। लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को सौरभ के भोपाल में ई-7 अरेरा कॉलोनी स्थित दो घर और दफ्तर पर छापा मारा था। टीम को 2.34 क्विंटल चांदी की सिल्लियां व 1.72 करोड़ रुपए नकद मिले हैं। इसके अलावा 74 एलईडी टीवी, आरटीओ की रसीद के सैकड़ों कट्टे और ढाई-ढाई लाख रुपए की गड्डी बनाकर रखी नकदी की वजह भी लोकायुक्त की टीम तलाश रही है। बता दें कि आयकर ने रियल एस्टेट व कंस्ट्रक्शन से जुड़ी तीन कंपनियों पर छापेमारी की थी। करोड़पति सिपाही के ठिकानों से 2.34 क्विंटल चांदी की सिल्लियां, 22 लाख की घड़ियां और 15 लाख के लेडीज पर्स भी मिले हैं। कार ग्वालियर के चेतन की, वह आरटीओ के पूर्व सिपाही का करीबी कार किसकी थी?
कार ग्वालियर के लक्कड़खाना इलाके में रहने वाले चेतन सिंह गौर की है। चेतन के पिता प्रताप सिंह सेंट्रल बैंक के पीछे बनी बड़ौदा कोठी में रहते हैं। इसी में किराए की दुकान है। वहां बैठे युवक ने बताया कि परिवार शादी में गया है। चेतन का भोपाल में पेट्रोल पंप भी बताया गया है। वह 4 वर्ष से भोपाल में रह रहा है। चेतन सिटी सेंटर में अपने भाई मोनी के साथ वाटर प्यूरीफाई एजेंसी संचालित करता था। चर्चा यह भी है हाल चेतन ने बड़े बांध पर ठेका लिया है। कार कहां खड़ी थी?
कार एक फार्म हाउस में पकड़ी गई। यह फार्म हाउस किसी विनय आसवानी का बताया जा रहा है। विनय कौन है- इसकी जांच जारी है। यह भी सामने आ रहा है कि कार उसी प्लॉट पर खड़ी मिली, जिन्हें आरके स्टेट के संचालक ने कुछ समय पहले ही काटा है। कार फार्म हाउस में कबसे खड़ी थी?
फार्म हाउस के नजदीक स्थित एक खेत में काम कर रहे किसान ने नाम नहीं छापने की शर्त पर भास्कर को बताया कि गुरुवार शाम 4 से 5 बजे के बीच दो कार से 3 लोग आए। तीनों ने एक कार को फार्म हाउस में पार्क कर उसे कवर कर दिया। दूसरी कार से तीनों मेंडोरी की ओर चले गए थे। कार की नंबर प्लेट के ऊपर आरटीओ लिखी एक प्लेट थी। इसे दूसरी कार से आए एक व्यक्ति ने जाने से पहले तोड़ दिया था। कार पर हूटर भी था। कार का पता कैसे चला?
किसान ने बताया कि गुरुवार रात 8 बजे रातीबढ़ पुलिस थाने के दो कांस्टेबल फार्म हाउस में कार की जांच करने पहुंचे थे। दोनों ने कार की खिड़की खोले बिना जांच की। फिर पुलिस के सीनियर अफसर पहुंचे और उन्होंने आईटी अफसरों को सूचना दी। रात 11 बजे आईटी टीम घटनास्थल पर पहुंची। कार से सोना-नकदी जब्त की। नकदी व सोना 6 दिसंबर के बाद पैक हुए, ये अखबार में लिपटे थे
कार में अखबारी कागज में सोने की सिल्लियां और एक कपड़े में अखबारी कागजों में लिपटे नोटों के बंडल मिले हैं। अखबार पर 6 दिसंबर 2024 प्रिंट है। यानी ये 6 दिसंबर के बाद ही पैक किए गए। सवाल : पुलिस ने कार पहले देखी, कार्रवाई क्यों नहीं की?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने इस लावारिस गाड़ी को सबसे पहले देखा। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि पुलिस ने खुद सर्चिंग क्यों नहीं की? पुलिस बिना कार्रवाई किए, क्यों लौटी? हालांकि भोपाल पुलिस के अफसर का कहना है की 10 लाख से ज्यादा के मामले में जब्ती करने का अधिकार जिला पुलिस को नहीं है। ऐसे में सवाल यह भी है कि बंद गाड़ी और बैग में कितनी रकम है – इसका पुलिस ने पहले ही कैसे अंदाजा लगाया? आगे क्या होगा ? आयकर विभाग के अफसरों का कहना है कि इस संबंध में डीजी लोकायुक्त जयदीप प्रसाद से बात की गई है। यदि जब्त की गई नकदी और सोना लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई से जुड़ा होगा तो दिल्ली मुख्यालय के जरिए पूरा सीजर उन्हें सौंपेंगेे। अब इनकम टैक्स की कार्रवाई की सूचना ईडी और डीआरआई को भी दी जाएगी। … और सौरभ तो विदेश फरार आरटीओ के जिस पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा पर पूरा शक है, वह विदेश भाग चुका है। दोस्तों से पता चला कि सौरभ दुबई में है और उसने वहां भी निवेश किया है। हालांकि, उसकी मां ने गुरुवार को कहा था कि वह जयपुरिया स्कूल की फ्रेंचाइजी लेने के सिलसिले में मुंबई गया है। शुक्रवार को सौरभ के घर से 234 किलो चांदी व 1.72 करोड़ नकद मिले। डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि घर में मिले सामान की इन्वेंट्री दो करोड़ तो दफ्तर की 4.10 करोड़ है। सौरभ के पास इतनी संपत्ति कैसे आरोप है कि आरटीओ में जो पहले नाकों पर वसूली होती थी, उसके कलेक्शन का जिम्मा सौरभ के पास था। सौरभ के घर से क्या-क्या मिला? तीन अलमारियों में सैकड़ों फाइलें
सौरभ के ई-7 स्थित दफ्तर में लोकायुक्त पुलिस को 3 अलमारियां भी मिली हैं। इन्हें सैकड़ों फाइलें मिली हैं। हर फाइल में रजिस्ट्री जैसे दस्तावेज भी लगे हैं। ये वाकई रजिस्ट्री हैं या कुछ और, इसका जवाब तलाशने के लिए टीम जल्द ही सौरभ से पूछताछ करेगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *