इंदौर एक नया कीर्तिमान रचने जा रहा है। पहली बार ऐसा होगा जब इंदौर आरटीओ में 2 लाख से अधिक वाहन रजिस्टर्ड होंगे। बीते साल यह आंकड़ा 1 लाख 90 हजार तक पहुंचा था। पिछले साल का यह रिकार्ड अब टूट चुका है। मप्र के ऑटोमोबाइल सेक्टर को उम्मीद है कि इस बार इंदौर 2 लाख से ज्यादा गाड़ियां बेचकर एक नया रिकॉर्ड अपने नाम करेगा। परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस साल बुधवार तक 1 लाख 93 हजार 801 वाहन इंदौर आरटीओ में रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जबकि बीते साल एक जनवरी से लेकर 31 दिसंबर तक यह आंकड़ा 1 लाख 90 हजार 297 था। अभी भी इस साल के खत्म होने में 12 दिन बाकी हैं। इससे तय है कि यह आंकड़ा दो लाख पार हो जाएगा। ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट मनोहर यादव ने बताया कि ईयर एंड के ऑफर के चलते कई कार कंपनियां 50 हजार से लेकर डेढ़ लाख तक का डिस्कांउट दे रही हैं, जिससे उम्मीद है कि इस बार इंदौर सारे रिकॉर्ड तोड़ेगा। बता दें कि इंदौर में वाहनों की संख्या अब 32 लाख 25 हजार से ज्यादा हो गई है जो की इंदौर के वोटर से ज्यादा है। इंदौर में वोटर की संख्या लगभग 28 लाख हैं। ऑटोमोबाइल सेक्टर में 17 से 18 प्रतिशत की ग्रोथ इंदौर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के जॉइंट सेक्रेटरी विशाल पमनानी ने बताया कि इस साल ऑटोमोबाईल सेक्टर में 17 से 18 प्रतिशत की ग्रोथ देखने को मिल रही हैं। क्योंकि इस साल रविवार तक 1 लाख 90 हजार से ज्यादा गाड़ी रजिस्टर्ड हो चुकी थी। वहीं अगले 15 दिन में 10 हजार गाड़ी ओर रजिस्टर्ड होगी तो यह पहली बार होगा जब इंदौर में इतनी बड़ी संख्या में नई गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन को देखेंगे। वहीं आने वाले तीन महीने हमारे सर प्लस रहेंगे, इस लिहाज से देखा जाए तो 17 से 18 प्रतिशत की ग्रोथ रहेगी। वहीं अभी भी कंपनियों के पास अच्छी बुकिंग है। कंपनियों के ईयर एंड ऑफर के कारण लोग वाहन लेते हैं, जिससे यह तो तय है कि इस साल इंदौर एक नया रिकॉर्ड बनाएगा। इंदौर में पिछले 5 साल में कितने वाहन रजिस्टर्ड हुए 7 करोड़ की कार रही सबसे महंगी इंदौर में वैसे तो 12 करोड़ रूपए की रोल्स-रॉयस सहित कई अन्य लग्जरी कारें मौजूद है जिनकी कीमत 4 करोड़ रूपए से ज्यादा है। लेकिन इस साल सबसे महंगी कार इंदौर में 7 करोड़ रूपए की रजिस्टर्ड हुई है। वैसे तो 1 करोड़ रुपए से अधिक कीमत वाले कई वाहन इंदौर में रजिस्टर्ड हुए हैं, लेकिन सबसे अधिक कीमत की कार बेंटले बेंटायगा थी। जो इंग्लैंड से आई थी और इसकी कीमत 7 करोड़ से अधिक थी, इसके अलावा कई अन्य महंगी कारें भी रजिस्टर्ड हुई हैं। अक्टूबर व नवंबर में 26-26 हजार गाड़ी परिवहन विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार इस साल अक्टूबर और नवंबर में सबसे अधिक वाहन बिके हैं। पूरे साल में यह सीजन के दिन थे, जिसमें सारे त्योहार थे। अक्टूबर में 26 हजार 413 तो नवंबर में 26 हजार 437 वाहन बिके थे। वहीं अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर में लगभग 10 हजार गाड़ियां इंदौर में बिकेंगी। जिसमें 5 से 6 हजार टू व्हीलर और 4 हजार कारों के साथ ही अन्य कुछ कमर्शियल व्हीकल की संख्या रहेगी। 25 से ज्यादा 1 करोड़ रूपए की कार रजिस्टर्ड इंदौर में सुपर और स्पोर्ट्स कारों की दीवानगी हाई लेवल हैं। इस आंकड़े से समझा जा सकता है कि 2024 में ही ऐसी 25 से ज्यादा कार बिकी हैं। जिनकी कीमत 1 करोड़ रूपए से ज्यादा है। ऑटो एक्सपर्ट बताते हैं कि मार्च 2025 तक लगभग 12 और ऐसी गाड़ियां इंदौर वासियों को डिलीवरी होना है, जिनकी कीमत 1 करोड़ रूपए से ज्यादा हैं। प्रदेश में सबसे ज्यादा गाड़ियां इंदौर में उज्जैन मेले से भी नहीं पड़ा फर्क इस साल की शुरुआत में प्रदेश सरकार ने पहली बार पड़ोसी जिले उज्जैन में मेला लगाया था। इसमें वाहनों के रजिस्ट्रेशन शुल्क पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी गई थी। वहां पर एक माह खूब वाहन बिके थे। वहां वाहन खरीदने वाले अधिकांश लोग इंदौर के थे। इससे आशंका व्यक्त की जा रही थी कि इंदौर में कम वाहन बिक सकेंगे, लेकिन इससे भी कोई फर्क नहीं पड़ा है। हालांकि ऑटोमोबाईल सेक्टर के विशाल पमनानी का कहना है कि उज्जैन में मेला नहीं होता तो इंदौर में लगभग मौजूदा संख्या से 3 हजार 500 गाड़ियां ओर ज्यादा रजिस्टर्ड होती।


