‘भारत में परिस्थितियां जटिल पर प्रतिभाएं आगे’:विद्यापीठ के दीक्षांत में प्रोफेसर डीएस चौहान बोले, शिक्षा के बल से ही मनुष्य आगे बढ़ सकता है

‘जब मै NASA पहुंचा तो सब चारों तरफ सूट-बूट लंबे चौड़े लोग दिखाई देते थे। हमें लगता था सब विद्वान होंगे। लेकिन जब काम करने लगे तो समझ आया कि हम जिन परिस्थतियों में काम करके यहां आये हैं। वो इस बारे में सोच भी नहीं सकते। भारत में जिन परिस्थितियों में प्रतिभाएं आगे आईं हैं। यह किसी से छुपा नहीं है। तो अपना समाधान सबसे पहले निकालिए ना की अपने लिए समस्या पैदा करें।’ उक्त बातें महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर रहे देश की जानी-मानी हस्ती प्रोफेसर डीएस चौहान ने कहीं। उन्होंने आगे कहा कि- छात्र जीवन में अगर हम कुंठित हो जाएंगे कि उसकी शिक्षा या टैलेंट हमसे अच्छा है तो हम कभी आगे नहीं बढ़ पाएंगे ऐसे में हमें कुंठित नहीं होना है। मन न रखें किसी भी प्रकार की कुंठा
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में दूसरा दीक्षांत समारोह शुकर्वा को रंगारंग कार्यकर्म के बीच मनाया गया। उस दीक्षांत में 44 मेधावियों को 48 स्वर्ण पदक दिए गए। इस समारोह के मुख्य अतिथि प्रोफ़ेसर डीएस चौहान छात्रों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने हमें अपने जीवन में इसी भी प्रकार की कुंठा नहीं रखनी चाहिये। खास करके शिक्षा की कुंठा। इससे व्यक्ति का मनोबल गिर जाता है। उन्होंने कहा शिक्षा की कुंठा सबसे खतरनाक होती है। यह कभी नहीं सोचना चाहिये की अगला विद्वान है और मै मुर्ख हूं। व्यक्ति का मनोबल गिर जाता है तो वह धराशायी हो जाता है
प्रोफेसर डीएस चौहान ने कहा- ये बलवान है मै कमजोर हूं। यह सोच सबका नाश करती है। मन में किसी भी प्रकार का ऐसा ख्याल नहीं रखना चाहिए क्योंकि यदि व्यक्ति का मनोबल गिर जाता है तो वह कितना भी मजबूत हो धराशायी हो जाता है। ऐसे में मन में ऐसा कोई ख्याल नहीं आना चाहिये। नासा का किस्सा बताकर छात्रों को किया मोटिवेट
प्रोफेसर डीएस चौहान ने इस दौरान छात्रों को नासा का स्वयं का किसा बताकर मोटिवेट किया। उन्होंने कहा- जब हम नासा गए तो वहां सब सूट-बूट में लोग थे। हमें लगा की सब बहुत जानकार हैं पर उनके साथ काम करने के बाद पता चला कि हम तो उनकी परिस्थितियों में ढालकर काम कर लेंगे लेकिन उन्हें दिक्कत होगी हमारी परिस्थितियों में ढालकर काम करने में। जब आप का ज्ञान होगा तो जमाना आप के आगे नतमस्तक होगा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *