अलवर -भिवाड़ी मेगा हाईवे पर चिरखाना स्टैंड के पास निजी व सरकारी स्कूलों के नजदीक शराब का गोदाम खोलने पर स्कूल के करीब 1 हजार छात्र-छात्राएं विरोध पर उतर आए। हाईवे के नजदीक स्टूडेंट्स पहुंच गए। उनके साथ आए टीचर, महिला व बच्चों ने कहा कि शराब गोदाम खुल गया। यहां दिन भर शराब बिकती है। शराबी आने जाने वाली महिला व छात्राओं से छेड़छाड़ करते हैं। यह गोदाम बंद नहीं किया तो 15 अप्रैल को सब बच्चे हाईवे पर आकर बैठ जाएंगे। जिसकी जिम्मेदारी मौजूदा प्रशासन की होगी। हालांकि इस मामले में आबकारी विभाग के सर्किल इंचार्ज का कहना है कि नियम के अनुसार गोदाम है। स्कूल काफी दूरी पर है। जो नियम बने हैं उनकाे कहीं नहीं तोड़ा गया है। इससे संबंधित रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भिजवा दी है। दुकान की तरह चल रहा गोदाम स्कूल की छात्रा इसराना ने कहा कि स्कूल के पास में शराब का गोदाम खोल दिया। जो ठेके की तरह खुला रहता है। यहां शराबी घूमते हैं। कई बार महिलाओं से छेड़छाड़ कर चुके हैं। गांव की महिलाओं ने कहा कि शराबियों के चक्कर में बेटियों को घरों से कम भेजते हैं। शराबी रोड के आसपास घूमते हैं। इस कारण छात्राओं आने-जाने से कतराती है। सरपंच का आरोप- पुलिस ही धमका रही गांव के सरपंच इमराना का कहना है कि उसने आबकारी विभाग के अधिकारी को फोन कर शिकायत की। लेकिन, उनकी नहीं सुनी। उल्टा पुलिसकर्मी ने मुझे ही धमकाया कि ज्यादा परेशान करेगा तो घर से उठा लाऊंगा। मतलब पुलिस भी शराब का काम करने वालों को पूरा सहयोग करती है। यह उनकी मिलीभगत होती है। 8 दिन पहले ही खुला है निजी स्कूल के टीचर इकबाल ने बताया कि 8 दिन पहले ही गोदाम खुला है। यहां शराब रखने की बजाय दिन रात बेची जाती है। शराबी आने वाली स्कूल की छात्राओं पर फब्तियां कसते हैं। महिलाओं से मनचाहे जो बोलते हैं। पहले भी यहां एक बार शराब का ठेका खोला गया था। लेकिन उसे बाद में बंद करना पड़ा था। अब वापस यहां गोदाम खोल दिया। जबकि आसपास में सरकारी व निजी स्कूल हैं। यहां सरकारी स्कूल की टीचर विद्यारानी भी पहुंची थी। उनका भी कहना था कि स्कूल के पास में शराब का गोदाम खोला जाना सही नहीं है। इससे बच्चों पर विपरीत असर पड़ता है। यह सब खुद प्रशासन को देखना चाहिए। ताकि आमजन को विरोध ही नहीं करना पड़े।


