ममता के बयान पर इंदौर में सुधांशु त्रिवेदी बोले:राज्यों को केंद्र का कानून लागू करने से इनकार करने का हक नहीं

वक्फ संशोधन कानून को लेकर पश्चिम बंगाल में फैले तनाव और हिंसा के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दिए गए बयान पर भाजपा के राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ममता बनर्जी की टिप्पणी को संविधान का अपमान करार दिया है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि भारत की संवैधानिक व्यवस्था स्पष्ट है कि केंद्र द्वारा बनाए गए किसी भी कानून को देश के सभी राज्यों में लागू करना अनिवार्य होता है। किसी भी राज्य की विधानसभा को यह अधिकार नहीं है कि वह केंद्र के कानून को मानने से इनकार कर दे। शनिवार को डॉ. सुधांशु त्रिवेदी एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने इंदौर आए थे। उन्होंने इस स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि, जिस प्रकार कोई नगरपालिका या जिला परिषद राज्य की विधानसभा द्वारा बनाए गए कानून को लागू करने से मना नहीं कर सकती, उसी प्रकार राज्यों को भी केंद्र के कानूनों को लागू करना ही होता है। डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा यदि ममता जी कहती हैं कि यह कानून राज्य में लागू नहीं होगा, तो इससे साफ होता है कि उनके मन में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान के प्रति कोई सम्मान नहीं है। केंद्र ने यह कानून तमाम संवैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए पारित किया है। त्रिवेदी बोले- INDIA गठबंधन के हाथों संविधान असुरक्षित त्रिवेदी ने कहा कि यह बयान यह दिखाता है कि कथित ‘इंडिया गठबंधन’ के नेताओं के हाथ में देश का संविधान खतरे में है। साथ ही उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी जिस प्रकार के उग्र और आपराधिक तत्वों के साथ सत्ता चला रही हैं, वह अब नियंत्रित होती नहीं दिख रही। शायद यही वजह है कि अब वे केंद्र के कानूनों को भी चुनौती देने की स्थिति में आ गई हैं। त्रिवेदी ने यह भी कहा कि, यह बयान उनके प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। यह साफ है कि उनकी सरकार अब कानून व्यवस्था बनाए रखने में असमर्थ है और ऐसे बयान देकर वह स्थिति से भागने का प्रयास कर रही हैं।

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