गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का है या लड़की इसकी जांच करने वाले अवैध सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है। कोडरमा से सटे बिहार के नवादा जिले के रजौली और सिरदला में अवैध रूप से चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर में भ्रूण जांच होती थी। इस बात की सूचना कोडरमा जिला प्रशासन को हुई। इसके बाद जिला प्रशासन ने ऑपरेशन डिकॉय के तहत कार्रवाई की। टीम ने छापेमारी करते हुए शिवम अल्ट्रासाउंड नामक एक क्लिनिक में अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड करते हुए एक व्यक्ति को रंगे हाथ पकड़ लिया है। जिसके बाद पकड़े गए व्यक्ति को पूछताछ के बाद कार्रवाई के लिए नवादा पुलिस को सौंप दिया गया है। बताते चलें कि अब तक ऑपरेशन डिकॉय के तहत यह तीसरी बड़ी गिरफ्तारी है। कोडरमा जिले में लगातार घटते लिंगानुपात को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही थीं। जिसके बाद ऐसी कार्रवाई की गई है। पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से घर में देते थे सर्विस मिली जानकारी के अनुसार पहले पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के जरिए कोडरमा के ग्रामीण इलाकों के अलावा बरही और चौपारण में भ्रूण जांच किया जाता था। जिसे रोकने के लिए ऑपरेशन डिकॉय चलाया गया। इससे पहले भी भ्रूण जांच करने वाले गिरोह के पॉइंट सिंह उर्फ पांडे को हजारीबाग जिले के सरिया से और झुमरीतिलैया से पवन यादव नामक एक व्यक्ति को एक के बाद एक ऑपरेशन डिकॉय चला कर गिरफ्तार किया गया था। इधर कोडरमा के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को यह जानकारी मिल रही थी कि गिरोह के अन्य सदस्य कोडरमा से सट्टे रजौली और सिरदल्ला में कोडरमा और आसपास की महिलाओं का भ्रूण जांच को अंजाम दिया जा रहा है। गर्भवती महिला को भेज कर दी कार्रवाई ऑपरेशन डिकॉय के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक गर्भवती महिला को भ्रूण जांच के लिए शिवम अल्ट्रासाउंड नामक एक क्लिनिक भेजा गया। जिसके बाद संचालक एक मोटी रकम लेकर भ्रूण जांच के लिए तैयार हुआ। भ्रूण जांच के दौरान ऑपरेशन डिकॉय के तहत बनी टीम ने छापेमारी करते हुए अल्ट्रासाउंड ऑपरेटर को गिरफ्तार किया। सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि यह कोडरमा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी कामयाबी है।


