विदेश भेजने के लिए एजेंट से पैसे दिलाने की बात को लेकर हुए विवाद में लालकोटी थाना इलाके से युवक का अपरण कर लिया गया। सूचना मिलने पर लालकोठी थाना पुलिस ने अपहरण की वारदात करने वालों के सीसीटीवी फुटेज निकाल कर कार की पहचान की। इसके बाद पीछा करते हुए 4 घंटे में युवक को मुक्त करवाकर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना 10 अप्रैल को एमडी रोड स्थित सरफराज होटल के सामने हुई। अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व तेजस्वनी गौतम के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आशाराम चौधरी और सहायक पुलिस आयुक्त नारायण बाजिया ने मामले की मॉनिटरिंग करते हुए थानाधिकारी बन्नालाल के नेतृत्व में टीम बनाई। डीसीपी ईस्ट तेजस्वनी गौतम ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में टोंक जिले के टोडारायसिंह निवासी माहिर आजाद, अमन अहमद, शाहरुख खान, अरशद अली, हसन और साहिल अंसारी शामिल हैं। युवकों को छुड़ाने और आरोपियों के बारे में कांस्टेबल दयाराम की विशेष भूमिका रही। डीसीपी ने बताया कि जोधपुर निवासी मुख्त्यार कुरैशी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह 9 अप्रैल को सरफराज होटल में रुका था। 10 अप्रैल को शाम करीब 4 बजे अमन, साहिल, शाहरुख सहित 7-8 लोग होटल में आए। उसे बाहर बुलाकर जबरन सेंट्रो कार में बैठाया और सांगानेर की ओर ले गए। रास्ते में मारपीट की। मुख्त्यार का बेटा अयान भी होटल में था, जिसने लालकोठी पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सांगानेर से मुख्त्यार को छुड़ाया और आरोपियों को पकड़कर थाने लाई। मुख्त्यार कुरैशी ने पुलिस को बताया कि विदेश भेजने के लिए एजेंट से पैसे दिलाने की बात को लेकर विवाद था। आरोपियों ने पैसे नहीं दिए और उसका अपहरण कर लिया। पुलिस ने चार घंटे में अपहृत को दस्तयाब कर लिया। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। रामनगरिया थाना इलाके से शुक्रवार शाम को स्कूटी सवार दो युवकों का बोलेरो सवार बदमाश अपहरण कर ले गए। बदमाशों ने दोनों युवकों को करीब 2 बजे सिकंदरा थाना इलाके में तालचराई की घाट में 80 हजार रुपए लेने के बाद छोड़ दिया। उधर, घटना की जानकारी जब पुलिस को लगी तो वह दोनों युवकों को दस्तयाब कर ले आई। घटना की जानकारी पुलिस को करीब 10:30 बजे लगी थी। हालांकि पुलिस इस मामले को संदिग्ध मान कर भी जांच कर रही है। इस मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से थाने में शिकायत नहीं दर्ज कराई गई। थानाधिकारी चंद्रभान ने बताया कि मामला आपसी होने के कारण शिकायत नहीं दी गई। जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच हाइटेंशन चौराहे के पास रहने वाला हिमांशी और उसका साथी रोनक स्कूटी से आ रहे थे। तभी रास्ते में एक अन्य स्कूटी सवार ने उन्हें रोक लिया। इस पर एक उनके परिचित दोस्त का नाम लेकर उसके बारे में पूछने लग गए। जब उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली तो तभी एक बोलेरो में युवक आए और दोनों का अपहरण कर ले गए, जहां पर रास्ते में बदमाशों ने दोनों को छोड़ने के एवज में करीब 80 हजार रुपए की डिमांड रख दी। इस पर हिमांशु ने अपने अहमदाबाद निवासी मामा को कॉल कर बताया कि उनका एक्सीडेंट हो गया है। इसके लिए उसे करीब 80 हजार रुपए चाहिए। इस पर मामा ने अस्पताल का नाम पूछा इस पर आगरा रोड स्थित एक अस्पताल का नाम बता दिया। इसके बाद हिमांशु का फोन बंद हो गया। जब मामा ने अपने किसी परिचित से अस्पताल के नंबर लेकर संपर्क करने का प्रयास किया तो पता चला कि इस नाम से कोई भी व्यक्ति भर्ती नहीं है। उसके बाद जब हिमांशु को वापस उसके मामा ने फोन किया तो उसका फोन बंद मिला। कुछ समय पर फिर से हिमांशु का कॉल मामा के पास पहुंचा तो रुपयों के इंतजाम के बारे में पूछा, इस पर उसके मामा ने बताया कि रुपए लेकर किसी जानकार को भेजा था, लेकिन तुम मिले नहीं और मोबाइल बंद आ रहा है। इसके बाद मामा ने जानकारी हिमांशु के परिजनों को दी। जब मां ने हिमांशु को फोन किया तो उसने बताया कि वह किसी काम से अपने दोस्त के पास वैशाली नगर आया हुआ है। इसके बारे में रात करीब 10:30 बजे पुलिस को इसके बारे में जानकारी दी गई। इस पर जब पुलिस ने नंबरों की लोकेशन निकाली तो पता चला कि वह दौसा से सिकंदरा की ओर बढ़ रही है। ट्रक चालक के फोन से परिजनों को दी सूचना बोलेरो सवार बदमाश दोनों युवकों को लेकर सिकंदरा की ओर चले गए। इस पर वह लगातार रुपए देने का दबाब बना रहे थे। इस पर रोनक ने अपने परिचित दोस्त से 80 हजार रुपए का इंतजाम कराने के बाद उन्हें दे दिया। रात करीब 2 बजे बदमाश उन्हें सिकंदरा में छोड़ कर चले गए। इस पर हिमांशु ने अपने परिजनों को एक ट्रक चालक के फोन से संपर्क कर सूचना दी। बदमाश हिमांशु का फोन अपने साथ ले गए, जबकि रोनक का फोन उसकी सिम तोड़ कर वापस दे गए थे।


