अंबेडकर जयंती से ठीक एक दिन पहले रविवार को रायपुर में जय भीम पदयात्रा निकाली गई। इस यात्रा में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंक राम वर्मा और रायपुर उत्तर के विधायक पूरंदर मिश्रा शामिल हुए। यात्रा तेलीबांधा तालाब से शुरु होकर, अंबेडकर चौक पहुंची। यहां बाबा साहेब की प्रतिमा पर माला चढ़ाई गई, नेताओं ने जय भीम के नारे लगाए। कार्यक्रम में कुछ युवाओं को सम्मानित भी किया गया मंच से अपने संबोधन के दौरान मंत्री टंक राम वर्मा ने उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा को दक्षिण का विधायक बता दिया, इस गलती के बाद में मंच पर बैठे सभी नेता मुस्कुराने लगे, हालांकि मंत्री वर्मा ने फौरन अपनी गलती को सुधारते हुए पुरंदर को उत्तर का विधायक बताया। कार्यक्रम में अलग-अलग फील्ड में बेहतर काम करने वाले युवाओं को सम्मानित किया गया। संविधान हमारा ग्रंथ
कार्यक्रम में CM साय ने कहा- भारत का संविधान हर नागरिक के लिए पवित्र ग्रंथ है, जो हमें गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार देता है। हमारा विशाल लोकतंत्र संविधान की मजबूत नींव पर खड़ा है और बाबा साहब इस ग्रंथ के शिल्पकार थे। सभी नेताों ने युवाओं के साथ संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया और संविधान की मूल भावना के प्रति निष्ठा और प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए प्रिएम्बल वाल पर अपने हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मध्यप्रदेश के मऊ में जन्म लेकर कठिन संघर्षों के बाद बाबा साहब ने उच्च शिक्षा प्राप्त की और भारत जैसे विशाल लोकतंत्र को एक समावेशी और शक्तिशाली संविधान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा साहब के जीवन से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को ‘पंचतीर्थ’ के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है, जिससे नई पीढ़ी उनके विचारों से प्रेरणा ले सके। साथ ही संविधान दिवस की घोषणा कर देशवासियों को संविधान के प्रति समर्पण का संदेश दिया है। बाबा साहब की दूरदर्शिता की वजह से आज भारत जैसा विशाल देश अपने लोकतांत्रिक मूल्यों को लगातार समृद्ध कर रहा है, वहीं भारत के साथ आज़ाद हुए अन्य देश लोकतंत्र को साथ लेकर नहीं चल पाए। उन्होंने युवाओं से भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और उन्हें मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।


