छत्तीसगढ़ के बालोद में दो समाजों की एकजुटता:साहू और आदिवासी समाज का संयुक्त सम्मेलन, केंद्रीय मंत्री ने किया भवनों का लोकार्पण

केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री तोखन साहू ने बालोद जिले का दौरा किया। उन्होंने गुरूर नगर में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मंत्री ने साहू समाज और गोंडवाना आदिवासी समाज के भवनों का लोकार्पण किया। इसके बाद हाइ स्कूल मैदान में दोनों समाजों के संयुक्त सम्मेलन में हिस्सा लिया। प्रदेश में पहली बार दो बहुसंख्यक समाजों ने एकजुटता दिखाते हुए ऐसा आयोजन किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है। वे प्रकृति की पूजा करते हैं। साहू समाज का भी गौरवशाली इतिहास रहा है। दोनों समाजों की एकता की यह मिसाल उन्हें हमेशा याद रहेगी। तोखन साहू ने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने समाज में बढ़ते धर्मांतरण को रोकने की बात भी कही। उनके अनुसार इन चुनौतियों से निपटकर ही समाज आगे बढ़ सकता है। समाज प्रमुखों ने रखी अपनी मांग साहू समाज के तहसील अध्यक्ष महेंद्र साहू ने कहा कि ये एक ऐसा मंच हैं, जहां से गंभीर विषय समाज के तरफ से सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा अवैध धर्मांतरण आज एक बड़ी समस्या बन चुकी है। इसके लिए कठोर कानून बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तहसील साहू संघ को दानवीर भामाशाह छात्रावास बनाने के लिए 50 लाख रुपये की मांग की और अपने कई बातों को रखा। आदिवासी समाज के अध्यक्ष उत्तरा मरकाम ने कहा कि बहुत अच्छी पहल है, जहां दो समाज एक मंच पर आए हैं। उन्होंने कहा कि ये अवसर है सामाजिक एकता और समरसता का। उन्होंने मंत्री साहू से 75 लाख रुपये समाज के व्यावसायिक काम्प्लेक्स की मांग की। वहीं अन्य बहुत सी मांगों को प्रमुखता से रखा गया। उन्होंने कहा कि बालोद जिले के कर्रेझर में आदिवासियों की जमीन को अवैध रूप से खरीदी बिक्री किया गया है, उस मामले का निराकरण किया जाए।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *