जयपुर में भीषण एलपीजी टैंकर हादसे में उदयपुर से जयपुर जा रही लेक सिटी ट्रेवल्स की एक स्लीपर बस भी जलकर राख हो गई। इस बस में सवार राजसमंद के दो युवक जगदीश और सुनील बाल-बाल बच गए। आग के आगोश में बस का गेट लॉक हो गया। इस कारण दोनों युवकों ने खिड़की की ग्रील व कांच तोड़कर बाहर कूद गए। इस कारण दोनों युवकों के हाथ आग से झुलस गए।जयपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर हुए टेंकर ब्लास्ट में 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 33 लोग झुलसे हैं, जिनका अभी उपचार जारी है। इस हादसे में राजसमंद जिले के मोही निवासी जगदीश (30) पुत्र शंकर लाल रेगर और भवानीनगर, चौथी गली, कांकरोली, राजसमंद निवासी सुनील पुत्र (28) लेहरू लाल खटीक भी शामिल थे, जो गुरुवार रात साढ़े 10 बजे उदयपुर से जयपुर जाने वाली लेक सिटी ट्रेवल्स की बस में कांकरोली से जयपुर जाने के लिए बैठे थे। वे बस में सोए हुए थे और जयपुर में करीब साढे पांच बजे उनकी बस पहुंच गई, तभी धमाके के साथ आग की चपेट में उनकी बस भी आ गई। आखिरी पलों का डरावना दृश्य -जगदीश ने बताया कि जब हम जयपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर थे, तभी अचानक एक जोरदार धमाका हुआ और आसमान में आग का गुब्बारा दिखने लगा। कुछ ही पलों में हमारी बस भी आग की चपेट में आ गई। सभी यात्री चीख-पुकार मचाने लगे। हमने अपनी जान बचाने के लिए बस की खिड़की तोड़ दी और बाहर छलांग लगा दी। आग की लपटों से बचते-बचाते जगदीश और सुनील एक खेत में जाकर खड़े हो गए। इस हादसे में उनके कपड़े जल गए और हाथ भी झुलस गए। उन्होंने बताया कि हमने किसी तरह अपने परिजनों को फोन करके इस हादसे की जानकारी दी। इसके बाद जयपुर में रहने वाले हमारे एक दोस्त रेलमगरा निवासी गिरीराज व्यास से संपर्क किया, जो मौके पर आकर मिला। फिर वही उन्हें अस्पताल लेकर गया और उपचार भी करवाया। उसके बाद टैक्सी किराए करके उन्हें राजसमंद के लिए रवाना किया। आग में डॉक्यूमेंट और मोबाइल सब जल गए – बस में सो रहे थे, तभी अचानक आग लगी। अग्निकांड में कुछ सोचने समझने का समय नहीं था। उस वक्त सिर्फ खुद की जान बच जाए, यह भी बड़ी बात थी। इसलिए दस्तावेज, बैग, मोबाइल सब बस में ही रह गए, जो आग में जलकर राख हो गए। जगदीश और सुनील के सभी शैक्षिक, सह शैक्षिक दस्तावेज, मोबाइल व कपड़े जल गए। दोनों युवक अपनी जान बचाकर घर लौटने में सफल रहे। उन्होंने बताया कि भगवान की कृपा से हम दोनों बाल-बाल बच गए।जगदीश ने बताया जूनियर अकाउंटेंट डिग्री को लेकर जयपुर वित्त भवन में काम होने से जयपुर गया था। अकेला जा रहा था, तो अपने मित्र सुनील को भी साथ में लेकर गया। लेकिन बीच रास्ते में ही हादसा हो गया। इसके बाद जयपुर एसएमएस अस्पताल लेकर गए। जहां उपचार के बाद छुट्टी कर दी गई और वहा से राजसमंद पहुंचे।


