मध्यप्रदेश में एक तरफ भीषण गर्मी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में बारिश हुई है। कहीं कहीं तो ओले भी गिरे है। रविवार को खरगोन के महेश्वर, धार के मांडू, शाजापुर, सागर, सतना, टीकमगढ़, मऊगंज और राजगढ़ में भी पानी गिरा। जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। भोपाल में रात में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग ने आधी रात को यहां तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा दक्षिणी सीहोर, दक्षिणी देवास, सीधी, सिंगरौली, उत्तरी खंडवा और अनूपपुर के अमरकंटक में आकाशीय बिजली के साथ हल्की आंधी आने की भी संभावना है। रविवार को ही प्रदेश के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के ऊपर रहा। मौसम विभाग से जारी आंकड़ों के मुताबिक, नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री, खंडवा और धार में 40.1 डिग्री, जबकि खरगोन और नरसिंहपुर में 40 डिग्री तापमान रहा। शाजापुर में 39.7 डिग्री, रतलाम में 39.5 डिग्री और गुना में पारा 39 डिग्री पारा दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 38.8 डिग्री, इंदौर में 38.6 डिग्री, ग्वालियर में 36 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 37.4 डिग्री टेम्परेचर दर्ज किया गया। सबसे कम पचमढ़ी में 32.8 डिग्री रहा। नौगांव में 34 डिग्री, रीवा-सीधी में 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा। 2 दिन बार भीषण गर्मी और लू का अलर्ट
मौसम विभाग भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, तीन सिस्टम एक्टिव होने से हल्की बारिश और आंधी का दौर रहेगा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ), साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ की सक्रियता घटने के बाद तेज गर्मी का असर शुरू होगा। 15 अप्रैल को मौसम साफ होने का अनुमान है। 16 अप्रैल से लू चलने लगेगी। बदले मौसम की तस्वीरें देखिए – महेश्वर में गिरे ओले, शिवपुरी में महिला की मौत
खरगोन जिले के महेश्वर में दोपहर 3:10 बजे गरज-चमक के साथ करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। इसके अलावा, सोमाखेड़ी समेत कुछ गांवों में ओले भी गिरे। जिले के कसरावद तहसील के निमरानी औद्योगिक क्षेत्र में चने के आकार के ओले गिरे। शिवपुरी जिले के ग्राम टोडा पिछोर में शनिवार देर रात खेत में सो रही 55 वर्षीय महिला की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। मृतक की पहचान कुसुमा लोधी के रूप में हुई है। मऊगंज में बारिश-ओले से फसलों को नुकसान
मऊगंज जिले में दोपहर में करीब एक घंटे तेज बारिश के साथ ओले गिरे हैं। खेत-खलिहानों में कटी रखी गेहूं और चने की फसल को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। जिले के माजन मानिकराम, खटखरी, पतुलखी, ओवर, हटवा, कौआधान, शाहपुर, गौरी, बेलौही, चरैया, तेंदुआ, ढाबा, अर्जुनपुर, बिजौली, भोड़हा, बगैहा, बिरहा, भलूहा, धर्मपुरा, देवरा, चौहाना, पटहरा, बिछरहटा, डीही, बराव, कोलहा और खैरा समेत कई अन्य गांव प्रभावित हुए हैं। मांडू में काले बादलों के साथ हल्की बूंदाबांदी
मांडू में रविवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में काले और घने बादल छा गए। इसके साथ ही ठंडी हवाएं चलीं और हल्की बूंदाबांदी भी हुई। बादलों और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आई। पिछले दिनों की तुलना में अधिकतम तापमान में 5 डिग्री की कमी दर्ज की गई। दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहा। ऐसा रहेगा अप्रैल में मौसम अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा मध्यप्रदेश में मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसी ट्रेंड के अनुसार अगले 3 महीने तेज गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने मई तक 15 से 20 दिन हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। अप्रैल-मई में 30 से 35 दिन तक गर्म हवा चल सकती है। जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। इस बार मार्च के दूसरे पखवाड़े में पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मार्च महीने के आखिरी में ही टेम्प्रेचर बढ़ने लगता है, लेकिन इस बार ऐसा मौसम नहीं रहा। आखिरी 3 दिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से पारे में गिरावट हुई। अप्रैल के पहले पखवाड़े में मौसम का असर मिला-जुला रहेगा। अब जानिए, 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी के बारे में
मध्यप्रदेश में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में आंकड़े ने 44 डिग्री को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल: 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी, बारिश भी हुई
अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ सालों से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। 17-18 अप्रैल को तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानी
इंदौर में भी पारा 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। इसके चलते बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। इंदौर में पिछले साल 22.3 मिमी बारिश हुई थी। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 6 साल बारिश हो चुकी है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड
जबलपुर की बात करें तो यहां एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 28 अप्रैल 1970 को दिन का तापमान 45.4 डिग्री रहा था। अप्रैल में यहां भी बारिश होने की संभावना रहती है। रिकॉर्ड के अनुसार, 3 अप्रैल 1935 को 24 घंटे के भीतर 50.3 मिमी बारिश हुई थी, जो दो इंच के करीब है। 2023 में 20.2 मिमी बारिश हुई थी। इस साल 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। ग्वालियर में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मी
ग्वालियर में अप्रैल की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। बीते 10 साल में यहां पारा एक बार 45 डिग्री और 3 बार 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 28 अप्रैल 1958 को तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। एक दिन में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड वर्ष 1909 में बना था। 22 अप्रैल को कुल 67.6 मिमी बारिश हुई थी। इसी साल अप्रैल महीने में साढ़े 4 इंच पानी गिरा था। 2023 में भी बारिश हुई थी। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड
उज्जैन में भी अप्रैल महीने में गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 18 अप्रैल 2010 को तापमान रिकॉर्ड 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2023 के बीच दो बार पारा 43 डिग्री के पार जा चुका है। पिछले साल एक बार तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, पूरे महीने 1 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई थी। समर बुलेटिन में मध्यप्रदेश में आज के मौसम का हाल। ऊपर फोटो पर क्लिक कर VIDEO देखें…


