रिम्स जीबी की बैठक कल:पेट-थैलियम स्कैन जांच सुविधा देने व एक एमआरआई मशीन खरीदने पर होगा निर्णय

राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में बीते 9 माह से शासी परिषद की लंबित बैठक 15 अप्रैल को होगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की मंजूरी के बाद बैठक की आधिकारिक तिथि की घोषणा रिम्स प्रबंधन ने की है। इस बार होने वाली रिम्स गवर्निंग बॉडी की 59वीं बैठक में कुल 28 एजेंडों पर सदस्यों की सहमति ली जानी है। मरीज हित की बात करें तो इसमें 2-4 एजेंडे ही ऐसे हैं, जिनका लाभ सीधे तौर पर मरीजों को मिलेगा। शेष एजेंडा प्रबंधन व चिकित्सकों से जुड़े हैं। बैठक में जीबी की 58वीं बैठक की संपुष्टि के अलावा रिम्स के चिकित्सकों के प्रमोशन के रिजल्ट प्रकाशन पर निर्णय लिया जाएगा। बैठक के लिए शामिल किए एजेंडा के अनुसार, चिकित्सकों की प्रोन्नति की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जिसमें अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्षता में गठित स्थाई प्रोन्नति समिति की अनुशंसा के अनुमोदन व रिजल्ट प्रकाशन पर निर्णय होना है। वहीं, 58वीं बैठक में चिकित्सकों (शैक्षणिक संवर्ग) को प्रोन्नति देने के लिए उनके रिसर्च पब्लिकेशन की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय पर संशोधन या इसे विलोपित करने पर पुनर्विचार किया जाएगा। मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए रिम्स में अतिरिक्त एमआरआई मशीन लगाई जाएगी। इसके क्रय पर भी सहमति ली जाएगी। साथ ही कैंसर जैसी बीमारी की पहचान के लिए जरूरी पेट-स्कैन जांच और थैलियम स्कैन की सुविधा भी पीपीपी मोड पर दी जाएगी। इस पर भी सहमति ली जाएगी। इनके अलावा और भी कई एजेंडे हैं, जिन पर बैठक में सहमति ली जाएगी। इन एजेंडों पर भी ली जाएगी सहमति… स्टूडेंट्स के लिए बनेंगे इंडोर-आउटडोर स्टेडियम, टूर के लिए बस खरीदी जाएगी रिम्स में मेडिकल स्टूडेंट्स के खेलकूद के लिए इंडोर व आउटडोर स्टेडियम का भी निर्माण किया जाएगा। इसे भी बतौर एजेंडा शामिल किया गया है। साथ ही छात्रावास निर्माण और रिम्स के विभिन्न विभागों की आधारभूत संरचना के जीर्णोद्धार पर भी सहमति ली जाएगी। वहीं, रिम्स के छात्रों को कई बार सामुदायिक भ्रमण व शैक्षणिक भ्रमण पर जाना होता है। इसके लिए रिम्स प्रबंधन 60 सीटर बस खरीदेगी। इसे भी एजेंडा में शामिल किया गया है। इन एजेंडों पर सहमति हुई तो क्या मिलेगा फायदा… 1. डेंटल कॉलेज में प्रिंसिपल का पद लंबे समय से रिक्त है, प्रिंसिपल की नियुक्ति पर निर्णय लिया जाएगा। फायदा: प्रिंसिपल का पद प्रभार में चल रहा है। स्थाई प्रिंसिपल के आने से कॉलेज से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकेंगे। 2. राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान रांची को डीम्ड यूनिवर्सिटी बनाने पर निर्णय। फायदा : डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने से रांची यूनिवर्सिटी के बजाय रिम्स खुद से डिग्री देगा। राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज इसके अधीन आएंगे। 3. रिम्स नर्सिंग कॉलेज में एमएससी. कोर्स शुरू करने पर निर्णय संभव। फायदा : अभी रिम्स नर्सिंग कॉलेज में बीएससी. नर्सिंग कोर्स संचालित है। एमएससी. कोर्स शुरू होने से नर्सिंग की हायर डिग्री भी रिम्स से ले सकेंगे। 4. एनेस्थिसिया विभाग में पीडीसीसी व पीडैफ कोर्स शुरू करने पर निर्णय। फायदा : यह सुपर स्पेशलाइजेशन कोर्स है। इसके तहत चिकित्सक कोर्स अवधि तक ट्रेनिंग लेकर विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं। 5. नेत्र या अंगदान करने वाले परिजनों को रिम्स की ओर से नि:शुल्क मोक्ष वाहन उपलब्ध कराने पर निर्णय। फायदा: यह अच्छी पहल साबित होगी। कई बार मृत्यु के बाद एंबुलेंस मिलने में परेशानी होती है। प्रबंधन उन्हें मुफ्त एंबुलेंस उपलब्ध कराएगा।

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