मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि दशम फॉल की बीएलओ दीदियां दिल्ली के बीएलओ ट्रेनिंग प्रोग्राम की ट्रेनर बनेंगी। दशम फॉल जैसे दुर्गम क्षेत्र की बीएलओ भारत में कार्यरत सभी बीएलओ के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। इन्होंने ऐसे दुर्गम क्षेत्र के कठिनाइयों का सामना करते हुए हर घर तक अपनी पहुंच बनाई और मतदान प्रतिशत बढ़ाने में भी भरपूर सहयोग दिया।। उन्होंने कहा कि “जहां न पहुंचे रवि, वहां पहुंचे बीएलओ दीदी”। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एक पहल की गई है, जिसके तहत देश के विभिन्न राज्यों के बीएलओ को दिल्ली बुलाकर ट्रेनिंग दी जा रही है। दशम जलप्रपात की बीएलओ दीदियों को इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में एक ट्रेनर के रूप में भाग लेने के लिए बुलाया जाएगा, जिससे देश के अन्य बीएलओ भी इनकी कार्यशैली को जान सकें और इनसे प्रेरित हो सकें। मुख्य चुनाव आयुक्त रविवार को दशम जलप्रपात के प्रांगण में दुर्गम क्षेत्र के बीएलओ से संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपील की कि सभी युवा अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य जुड़वाएं। भारत के वैसे नागरिक जो 18 वर्ष से अधिक के हैं, उनका नाम नहीं छूटना चाहिए। जब भी मतदान का समय आए, वोट अवश्य दें। मुख्य चुनाव आयुक्त ने मीडिया को बताया कि झारखंड के चुनावी प्रक्रिया में जुड़े हुए हर स्तर के पदाधिकारियों से उन्हें मुलाकात की। झारखंड में 1 लाख से भी अधिक चुनाव से जुड़े कर्मचारियों ने निष्ठापूर्वक अपना काम किया है। दिउड़ी मंदिर में की पूजा तमाड़. ज्ञानेश कुमार रविवार को तमाड़ स्थित दिउड़ी मंदिर पहुंचे। उन्होंने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। वे करीब 15 मिनट तक मंदिर में रहे। पूजा के बाद उन्होंने कहा कि दिउड़ी मंदिर की काफी चर्चा सुनी थी। यहां पूजा-पाठ करने से मां दिउड़ी हर मनोकामना पूरा करती है। मैंने देश में होने वाले चुनाव के निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संपन्न होने की मंगलकामना की। इस मौके पर चुनाव आयोग के कई अधिकारी भी मौजूद थे।


