दुनिया के महंगे आमों में शामिल जापानी आम मियाजाकी की खेती झारखंड में भी होने लगी है। यह आम भारत में आमतौर पर 70 हजार से लेकर तीन लाख रुपए तक प्रति किलो बिकता है। राज्य के खूंटी जिले में तोरपा प्रखंड के मरचा गांव में किसान रंजीत टोपनो इसकी खेती कर रहे हैं। इनके बागीचे में मियाजाकी के 10 पेड़ लगे हैं। इस साल पहली बार फल आए हैं। चार साल पहले लगाए गए 10 पेड़ों में इस वर्ष करीब 15 किलो आम हुए हैं। पूरा टोपनो परिवार आम के इस बगीचे की देखभाल कर रहा है। पूरा बगीचा एक एकड़ में है, जहां अमेरिका का रेड पलमर, थाइलैंड का कटिमोन समेत भारत की उम्दा किस्मों के आम के पेड़ लगे हैं। आज मियाजाकी आम की बागवानी देखने लोग दूर-दूर से खूंटी आ रहे हैं। मियाजाकी आम की किस्म जापान ने विकसित की है, जो आज पूरी दुनिया में मशहूर है। रंजीत टोपनो ने बताया कि वह पहली बार आम की बिक्री करेंगे। इसे लेकर खूंटी के डीसी से मिलेंगे। पिछले वर्ष दो-तीन आम ही हुए थे। तब डीसी ने कहा था कि जब ज्यादा आम होगा, तब मिलना। खुश हूं कि इस बार 15 किलो आम हुआ है। खासियत : खाने में अन्य आम की तुलना में ज्यादा स्वादिष्ट व सुगंधित मियाजाकी आम लाल और जामुनी रंग का होता है। खाने में काफी स्वादिष्ट होता है। देखने में यह अन्य आम की तुलना में काफी खूबसूरत लगता है। यह आम पकने पर गहरे लाल रंग का होता है और इसमें खट्टा-मीठा स्वाद और सुगंध होता है। क्यों महंगा है: एंटी ऑक्सीडेंट, बीटा कैरोटीन और फॉलिक एसिड से भरपूर खासियत यह है कि अन्य आम की तुलना में इसमें 15 फीसदी ज्यादा शुगर कंटेंट होता है। इसके अलावा इसमें एंटी ऑक्सीडेंट, बीटा कैरोटीन और फॉलिक एसिड पाए जाते हैं। बताया गया कि आंखों की रोशनी बढ़ाने व दिल की बीमारियों में यह काफी लाभप्रद है। कृषि विशेषज्ञ बोले… मियाजाकी की खेती के लिए झारखंड की जलवायु अनुकूल बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के एचओडी (हॉिर्टिकल्चर) डॉ. एस. मिश्रा ने कहा कि मियाजाकी आम की खेती झारखंड में नहीं होती है। लेकिन, इस आम के लिए यहां की जलवायु अनुकूल है। इसकी खेती अन्य आमों की तरह यहां हो सकती है। इस आम के पौधे की देख-भाल करने की ज्यादा जरूरत पड़ती है। जब इस की खेती खूब होने लगेगी तो इसकी कीमत यहां भी कम होगी।


