वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के साथ रविवार को शिक्षण संस्थानों के प्रिंसिपल की बैठक हुई, जिसमें कई निर्णय लिए गए हैं। मोर्चा ने कहा कि 75% अनुदान वृद्धि की संचिका पर आज तक वित्त विभाग एवं मंत्री परिषद द्वारा अनुमोदन नहीं मिलने के कारण अब उच्च न्यायालय में 23 अप्रैल को याचिका दायर करेंगे। बैठक में प्राचार्यों ने कहा कि शर्त पूरी होने के बाद भी अनुदान रोक दिया गया है। प्राचार्यों ने अनुदान रोकने से संबंधित कागजात दिखाए और कहा कि इसमें संस्थानों का कोई दोष नहीं है। मोर्चा के रघुनाथ सिंह ने कहा कि बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पहले मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षा सचिव से मिलेगा और बात नहीं बनी तो मोर्चा न्यायालय की शरण में जाएगा। इसके अलावा, सभी स्कूल- कॉलेज 15 मई 2025 तक शिक्षा सचिव के पास अपीलीय आवेदन जमा करेंगे। बैठक में चंदेश्वर पाठक, अरविंद सिंह, नरोत्तम सिंह, गणेश महतो, देवनाथ सिंह और मनीष कुमार ने संबोधित करते हुए शिक्षकों से कहा कि अनुदान रोकने का असर शिक्षण संस्थान की अकादमिक एक्टिविटी पर पड़ेगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि मोर्चा की अगली बैठक 30 अप्रैल को रांची में होगी।


