‘मम्मी-पापा मुझे माफ कर देना। मैं इस धर्म में नहीं रह सकता। मुझे ये धर्म बिल्कुल अच्छा नहीं लगता। आप लोग मुझे जबरन चर्च में प्रेयर करने के लिए भेजते हैं। आप लाेग ये सब क्यों कर रहे हैं। पता नहीं क्यूं मैं अच्छा महसूस नहीं कर पा रहा हूं, इसलिए मैं घर छोड़कर जा रहा हूं। छोटे भाई का अच्छे से ख्याल रखना और अच्छे से पढ़ाई कराना। मुझे ढूंढने की कोई भी कोशिश मत करना। आपने धर्म बदलकर सबकुछ पा लिया, लेकिन मुझे खो दिया।’ भावुक कर देनी वाली ये लाइनें उस किशोर की हैं, जिसने अपने मां-बाप के तीन माह पहले ईसाई धर्म अपनाने के कारण घर छोड़ दिया। उसने ये दर्द एक पत्र में लिखा। शुक्रवार को जांच के दौरान पुलिस को यह पत्र मिला। पता चला कि किशोर अपने माता-पिता के धर्म परिवर्तन से बेहद परेशान था। 14 दिसंबर की सुबह चार बजे किशोर घर से स्कूल का खाली बैग और जैकेट लेकर चला गया। घर छोड़ने से पहले वह घर में एक लेटर रख गया था। परिवार ने 16 दिसंबर को सचेंडी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घर में उसके पिता-मां और एक 13 साल का छोटा भाई भी है। परिवार मूल रूप से जौनपुर के मड़ियावा क्षेत्र का रहने वाला है और भौंती कस्बे में किराए के मकान में रहता है। पहले पढ़िए क्या है पूरा मामला सचेंडी थाना क्षेत्र के भौती में रहने वाला शिवपूजन प्राइवेट नौकरी करते हैं। घर में पत्नी संगीता और दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा 17 साल और छोटा 13 साल का है। संगीता ने बताया कि उनका बेटा 14 दिसंबर की सुबह करीब चार बजे घर से कहीं चला गया। वह अपने साथ स्कूल बैग और जैकेट ले गया है। बेटा महरूम टी-शर्ट, ब्लू हुडी और नीली जींस पहने हुए है। बेटे के घर के लापता होने के बाद उसके सभी दोस्तों, स्कूल और रिश्तेदारों व नजदीकियों के यहां पता लगाया लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 16 दिसंबर को सचेंडी थाने में बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस जांच करने पहुंची तो किशोर के कमरे से एक पन्ने का एक नोट मिला है। जिसमें किशोर ने लिखा था-उसे क्रिश्चियन धर्म नहीं पसंद है, उसे चर्च में प्रेयर करना अच्छा नहीं लगता है। पुलिस पूछताछ में बच्चे के माता पिता ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। हालांकि पड़ोस में रहने वालों ने पुलिस को बताया कि किशोर के मां-बाप धर्मांतरण कर क्रिश्चयन बने हैं। वह बच्चों को भी रोजाना चर्च में प्रेयर के लिए भेजते थे। इसी कारण से किशोर परेशान था। अब पढ़िए पुलिस क्या कहती है एसीपी पनकी शिखर ने बताया कि किशोर के घर से पत्र मिला है। थाना पुलिस ने जो जांच की है उसमें पता चला कि किशोर के माता-पिता ने ईसाई धर्म अपना लिया है। बताया कि पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन परिवर की ओर से कोई मदद नहीं मिली। वहीं डीसीपी वेस्ट राजेश कुमार सिंह का कहना है-बच्चे को भी जबरन धर्मांतरण कराने के बाद चर्च भेजा जा रहा था। इन सभी बिंदुओं पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आखिर परिवार ने धर्मांतरण क्यों किया, इस धर्मांतरण के पीछे कोई सिंडीकेट तो नहीं है। फिलहाल किशोर की बरामदगी होने के बाद धर्मांतरण के सिंडीकेट का भी खुलासा करेगी। कानपुर धर्मांतरण का बन रहा गढ़, पहले भी दर्ज हो चुकी हैं 7 FIR कानपुर में धर्मांतरण का यह कोई पहला केस सामने नहीं आया है। इससे पहले कानपुर पुलिस ने सबसे पहले घाटमपुर में धर्मांतरण का बड़े पैमाने पर खुलासा किया था। दो लोगों को अरेस्ट करके जेल भी भेजा था। इसके बाद चकेरी के श्याम नगर में फ्लैट में धर्मांतरण का क्लास, रावतपुर की थारू बस्ती में धर्मांतरण, कर्नलगंज की एनफेनी चर्च में धर्मांतरण, नवाबगंज में दो बार एफआईआर दर्ज हुई और स्वरूप नगर समेत कई मामले सामने आए थे। एक के बाद एक आधा दर्जन से ज्यादा सामूहिक धर्मांतरण के केस सामने आने पर पुलिस पूरे सिंडीकेट का खुलासा नहीं कर सकी। जबकि फौरी जांच करके मामलों को रफा-दफा कर दिया गया। पड़ताल के दौरान सामने आया कि घाटमपुर धर्मांतरण केस में तो पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी, लेकिन चकेरी के श्याम नगर में धर्मांतरण और विदेश से फंडिंग होने के मामले में चकेरी पुलिस ने क्लीनचिट देते हुए केस में एफआर लगा दी। इसी तरह चकेरी के दूसरे धर्मांतरण केस में भी पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाकर फाइल बंद कर दी। इसके बाद रावतपुर की थारू बस्ती में सामूहिक धर्मांतरण के लिए मोटीवेट करने का वीडिया सामने आने के बाद रिपोर्ट दर्ज की थी, लेकिन पुलिस ने जांच के बाद इस केस में भी फाइनल रिपोर्ट लगाकर बंद कर दिया। कर्नलगंज की एनीफेनी चर्च में धर्मांतरण केस में पुलिस ने जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद चार्जशीट लगाई है। किसी भी केस में सरगना तक नहीं पहुंच सकी पुलिस कानपुर में पुलिस ने घाटमपुर, चकेरी, रावतपुर, कर्नलगंज और नवाबगंज समेत कई थानों में धर्मांतरण केस को लेकर रिपोर्ट दर्ज की। विदेश से फंडिंग तक के साक्ष्य मिले। भारी पैमाने पर धर्मांतरण से जुड़ा साहित्य बरामद हुआ। लेकिन पुलिस ने इन सभी जांचों में सिर्फ और सिर्फ लीपापोती करके किसी में चार्जशीट दाखिल की या अधिकतर मामलों में फाइनल रिपोर्ट लगाकर खत्म कर दिया। किसी भी केस में धर्मांतरण के जुड़े सिंडीकेट का खुलासा नहीं कर सकी। आखिर हिन्दुओं को क्रिश्चयन धर्मांतरण के पीछे कौन लोग फंडिंग कर रहे हैं…? कानपुर, यूपी या देश में कहां से धर्मांतरण का सिंडीकेट संचालति हो रहा है…? धर्मांतरण की मॉडसअप्रेंडी क्या है…? इस तरह के सैकड़ों सवाल हैं जो आम जनता के जेहल में घूम रहे हैं। लेकिन पुलिस आज तक एक भी केस में इन सभी सवालों के जवाब या सरगना तक नहीं पहुंच सकी। ……………………….. ये खबर भी पढ़ें ACP को अरेस्टिंग-स्टे के बाद सदमे में IIT छात्रा, बोली-मैं मर जाऊंगी, सब कुछ बर्बाद हो गया कानपुर IIT की रिसर्च स्कॉलर छात्रा की शुक्रवार को तबीयत बिगड़ गई। दिनभर वह रह-रह कर अपने रूम में कभी फफक-फफक कर रोने लगती तो कभी चीख-चीख कर कहती कि मेरा सब कुछ बर्बाद हो गया। मेरे पास मरने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। मैं पूरी तरह से अकेली हो गई हूं। मामले की जानकारी मिलने के बाद IIT प्रशासन और पुलिस अफसरों ने छात्रा से मिलकर उसे घंटों समझाया और काउंसिलिंग की है। इसके बाद छात्रा कुछ सामान्य हो सकी। पढ़ें पूरी खबर


