अजमेर में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को ठगने वाले कॉन्स्टेबल पवन मीणा को सस्पेंड कर दिया गया है। सोमवार को अजमेर एसपी वंदिता राणा ने इसका आदेश जारी किया है। उधर, आरोपी पवन मीणा फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम बनाकर दबिश दी जा रही है। 9 अप्रैल 2025 को दर्ज कराया गया था मुकदमा
ठगी की जानकारी लगने पर भास्कर की टीम 12 अप्रैल को अजमेर के क्लॉक टावर थाने पहुंची थी। यहां पता चला 8-10 लोगों से एक ही थाने में ठगी हुई है। कॉन्स्टेबल दीपक वैष्णव ने 9 अप्रैल 2025 को क्लॉक टावर थाने में 1 करोड़ की ठगी होने का मुकदमा दर्ज कराया था। चौगुनी कमाई की बातें करता था
दीपक ने बताया था कि ठगी का मास्टरमाइंड पुलिस लाइन में पोस्टेड कॉन्स्टेबल पवन मीणा है। करौली का रहने वाला पवन मेरा बैचमेट है। इसलिए पहले से जान-पहचान थी। अक्सर मुझसे मिलने थाने आता था। इस दौरान उसकी यहां कुछ दूसरे पुलिसकर्मियों से भी जान-पहचान हो गई थी। पवन जब भी आता, नेशनल हाईवे पर बड़े-बड़े प्रोजेक्ट और उसमें करोड़ों रुपए इन्वेस्टमेंट से चौगुनी कमाई की बातें करता था। वह कहता था- भाई देखो नौकरी की तनख्वाह से घर का गुजारा भी नहीं चला सकते। जीवन में कुछ बड़ा सोचो। मामला दर्ज होने के बाद कॉन्स्टेबल फरार
अजमेर पुलिस लाइन में पोस्टेड एक कॉन्स्टेबल पवन मीणा ने अपने सरकारी टीचर भाई कुलदीप मीणा के साथ मिलकर अजमेर जिले के दूसरे पुलिसकर्मियों को करोड़पति बनने के सपने दिखाए और उनसे करोड़ों रुपए ठग लिए था। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी कॉन्स्टेबल और उसका भाई कुलदीप फरार हैं। पुलिस वालों से ठगी की यह खबर पढ़िए…
50 करोड़ से ज्यादा की ठगी करने वाला मास्टरमाइंड कॉन्स्टेबल, करोड़पति बनाने की स्कीम देता था राजस्थान में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों से 50 करोड़ से ज्यादा की ठगी कर ली गई। इस ठगी का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, उन्हीं का साथी पुलिस वाला है। उसने एक कंपनी में इन्वेस्टमेंट के नाम पर चार गुना मुनाफे का लालच दिया। पूरी खबर पढ़ें…


