पुलिस एस्कॉर्ट में गोवंश के ट्रक, MP बॉर्डर पर रोके:सांसद रोत बोले-ड्राइवरों के पास मिले हथियार-मिर्च पाउडर; साध्वी बोलीं-पुलिस प्रोटेक्शन में तस्करी

नागौर से पुलिस एस्कॉर्ट में 8 ट्रकों में 80 गोवंश को मध्य प्रदेश ले जाते समय बांसवाड़ा बॉर्डर पर एमपी प्रशासन ने एंट्री से मना कर दिया। इसके बाद सभी गोवंश को जिले के तलवाड़ा कस्बे स्थित गोवर्धन गोशाला में शिफ्ट करा दिया गया। इस पर गोरक्षकों ने हंगामा किया। गोरक्षकों का आरोप है कि गोवंश को बेदर्दी से ट्रकों में भरा गया था और तिरपाल से ढका गया था। मामला रविवार रात 3 बजे का है। BAP सांसद राजकुमार रोत ने कहा- ट्रक ड्राइवरों के पास मिर्ची पाउडर और हथियार मिले हैं। तस्कर मारने की धमकियां दे रहे थे। यह एक बड़े गिरोह का मामला है, जो सरकारी संरक्षण में चल रहा है। कथावाचक साध्वी श्रद्धागोपाल सरस्वती ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रोटेक्शन में तस्करी की जा रही थी। दरअसल, नागौर में 15 दिन तक चला बलदेव पशु मेला शनिवार (12 अप्रैल) को समाप्त हुआ था। बांसवाड़ा एसपी हर्षवर्धन अगरवाला ने इस मामले में कहा- नागौर पशु मेले से पशुपालक अपने पशुओं को मध्य प्रदेश ले जा रहे थे। बॉर्डर पर ड्राइवर व्हीकल परमिट नहीं दिखा पाए। गो-तस्करी विवाद से जुड़ी 5 तस्वीरें… साध्वी ने मामले पर कही ये 5 बड़ी बातें… सांसद बोले- ट्रक ड्राइवरों के पास हथियार-मिर्च पाउडर मिले
इस मामले पर सोमवार को बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत ने कहा- गोवंश को 52 ट्रकों में भरकर ले जा रहे थे। पुलिस प्रोटेक्शन दे रही थी। जिन लोगों (गोरक्षकों) ने ट्रकों को रोका, उनके साथ मारपीट की गई। ट्रक ड्राइवरों के पास मिर्ची पाउडर और हथियार मिले। वे मारने की धमकियां दे रहे थे। यह बहुत बड़ा गिरोह है। यह सरकार के ही प्रोटेक्शन से किया जा रहा है। जो आदेश जारी किया, वो झूठा है। इसमें दो बैलों की मौत हो चुकी है। अगर लीगल होता तो गाइडलाइन के अनुसार गोवंश को ले जाया जा रहा होता। एसपी बोले- बॉर्डर पर व्हीकल परमिट नहीं दिखा पाए
बांसवाड़ा एसपी हर्षवर्धन अगरवाला ने इस मामले में कहा- नागौर पशु मेले से पशुपालक अपने पशुओं को मध्य प्रदेश ले जा रहे थे। बॉर्डर पर ड्राइवर व्हीकल परमिट नहीं दिखा पाए। इसलिए अस्थायी तौर पर पशुओं को बांसवाड़ा की गोशालाओं में रखा है। पुलिस का यह भी कहना है कि पशुओं के परिवहन के दौरान अनहोनी की आशंका थी, इसलिए आदेश मिलने पर राजस्थान पुलिस ने ट्रकों को नागौर से एमपी बॉर्डर एस्कॉर्ट किया। डीएसपी गोपीचंद मीणा ने बताया- आदेश मिले थे कि इन गोवंश के परिवहन के दौरान रास्ते में कोई विरोध या अनहोनी न हो, इसके लिए सुरक्षा दी। 80 गोवंश को बांसवाड़ा की गोशाला में शिफ्ट किया
गोवर्धन गोशाला के अध्यक्ष जयंत द्विवेदी ने भी गायों की तस्करी की आशंका जताई। कहा- हमें तस्करी की आशंका इसलिए है कि अभी ऐसा कोई कारण नहीं है कि इतनी बड़ी संख्या में गोवंश को राजस्थान से मध्य प्रदेश भेजा जाए। एमपी पुलिस ने ट्रकों को स्वीकार नहीं किया। ये तस्करी का गोवंश था इसलिए मध्य प्रदेश प्रशासन को इन्हें रोकना पड़ा। तब मामला सामने आया। अब गोवंश को सुरक्षित किया है। पुलिस को मिली आदेश की यह कॉपी…

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