हरियाणा के कुरुक्षेत्र में बॉलीवुड के प्रख्यात अभिनेता और भारत कुमार के नाम से प्रसिद्ध स्वर्गीय मनोज कुमार की आत्मिक शांति के लिए उनका परिवार सरस्वती तीर्थ पर आया। यहां उन्होंने सरस्वती के पावन तट पर अपने पिता की आत्मिक शांति के लिए पिंडदान कर धार्मिक अनुष्ठान किया। परिवार ने पुरोहित के पास अपनी वंशावली भी देखी। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे मनोज कुमार के बेटे कुणाल और विशाल पिहोवा के सरस्वती तीर्थ पर पहुंचे। यहां उन्होंने अपने पिता के निमित्त विधिपूर्वक पिंडदान किया और पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे भगवान कार्तिकेय के मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने श्रद्धाभाव से कार्तिकेयजी को तेल अर्पित किया। उन्होंने बड़े शिवालय पृथ्वेश्वर महादेव मंदिर में भी दर्शन किए। हरिद्वार में अस्थि विसर्जन किया मनोज कुमार के बेटे कुणाल ने बताया कि पुराने टाइम से पिहोवा आने की परंपरा है। उन्होंने हरिद्वार में अपने पिता मनोज कुमार की अस्थियों का विसर्जन किया था। आज वे उनकी आत्मिक शांति के लिए पिहोवा के सरस्वती तीर्थ आए थे। यहां उन्होंने उनके लिए पूजा-अर्चना के बाद तर्पण किया। बेटों में दिखी संस्कारों की झलक लोगों ने कहा कि मनोज कुमार न सिर्फ अभिनय में पारंगत थे, बल्कि उनके अंदर भारतीय संस्कृति और देशभक्ति के प्रति गहरी निष्ठा थी। यही संस्कार उनके बेटे कुणाल और विशाल में दिखे। उन्होंने पूरी श्रद्धा और परंपरा के साथ पूजा अर्चना की। साथ ही सरस्वती तीर्थ पर मंदिरों के दर्शन भी किए। पाकिस्तान में गुजरांवाला से आया था परिवार
तीर्थ पुरोहित मुकुट बिहारी ने बताया कि मनोज कुमार का परिवार पाकिस्तान के गुजरांवाला जिले से संबंध रखता है। पूजा अर्चना के लिए मनोज कुमार के बेटे कुणाल तथा विशाल दोनों साथ आए थे। कुणाल के बेटे करम और चाचा विनय गोस्वामी साथ थे। 4 अप्रैल को मनोज कुमार का 87 साल की आयु में निधन हो गया था।


