भास्कर न्यूज | महासमुंद सरायपाली ब्लॉक के उपार्जन केन्द्र केना में धान खरीदी के दौरान गड़बड़ी का मामला सामने आया है। केना उपार्जन केन्द्र प्रभारी भीष्मदेव पटेल, डाटा एण्ट्री ऑपरेटर शौनक नायक और बारदाना प्रभारी बिरेन्द्र साहू के द्वारा मिलकर 4.50 करोड़ 50 हजार 495 रुपए की अनियमितता की गई है। मिली जानकारी के अनुसार धान खरीदी प्रभारी भीष्मदेव पटेल के कहने पर डाटा एंट्री ऑपरेटर शौनक नायक के द्वारा ट्रांसपोर्टर माड्यूल से 14 जनवरी को 30 और 15 जनवरी को 1 गेट पास जारी किया गया था। 14 और 15 जनवरी को 31 डीएम जारी कर फर्जी रूप से 25 हजार 925 बोरा धान वनज 10370 क्विंटल स्टाक घटाया गया। धान संग्रहण केन्द्र सरायपाली के धान आवक पंजी और सोसाइटी से जारी करना बताया किया। लेकिन संग्रहण केन्द्र में 31 गाडियों का धान 24 जनवरी तक नहीं पहुंचा था। इस तरह भीष्मदेव पटेल उपार्जन केन्द्र प्रभारी केना द्वारा धान का स्टाक घटाने के उद्देश्य से फर्जी गेटपास बनाकर डीएम जारी किया गया। जांच के दौरान धान उपार्जन केन्द्र केना में 1639 नग पुराना बारदाना कीमत 40975 रुपए एवं 36998 बोरा धान, 14519.20 क्विंटल 45009520 रुपए कुल राशि 4.50 करोड़ 50 हजार 495 रुपए की अनियमितता पाई गई। मामले में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित शाखा तोरेसिंहा के शाखा प्रबंधक युवराज नायक ने सरायपाली थाना में रविवार को तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने धारा 3(5), 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। गिनती करने पर 917 नया खाली बारदाना अधिक, 1639 नग पुराना बारदाना मिला कम: वही खाली बारदानों की गिनती करने पर 917 नग नया खाली बारदाना अधिक और 1639 नग पुराना बारदाना कम पाया गया। धान उपार्जन केन्द्र में कुल 36 हजार 298 भर्ती बोरा धान, 14519.20 क्विंटल धान कम पाया गया, जो गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है। जिसके लिए उपार्जन केन्द्र प्रभारी भीष्मदेव पटेल, डाटा एंट्री ऑपरेटर शौनक नायक और बारदाना प्रभारी बिरेन्द्र साहू को जिम्मेदार ठहराया गया है, जिसके खिलाफ अनुशासनात्मक एवं वैधानिक कार्यवाही किये जाने के लिए प्रतिवेदित किया गया है। समयावधि में जब संग्रहण केन्द्र में धान नहीं पहुंचा तो संग्रहण केन्द्र प्रभारी ने एसडीएम को इसकी लिखित में शिकायत की थी। इसके बाद जांच टीम गठित की गई। धान उपार्जन केन्द्र केना में अनियमितता होने की शिकायत पर जांच समिति खाद्य निरीक्षक अविनाश दुबे, सहकारिता विस्तार अधिकारी मनोज नायक व नायब तहसीलदार रविन्द्र काले के द्वारा संयुक्त रूप से धान उपार्जन केन्द्र केना में 23 जनवरी को जांच करने पहुंचे थे। 1 सप्ताह तक जांच चली। दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई: खाद्य अधिकारी जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव ने कहा कि मामले में जांच के दौरान गड़बड़ी पाई गई है। संग्रहण केन्द्र में धान जारी कर जावक दिखाया गया है। जबकि संग्रहण केन्द्र तक धान ही नहीं पहुंचा है। फर्जी गेटपास बनाकर डीएम जारी किया गया। उपार्जन केन्द्र प्रभारी समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। सख्त कार्रवाई की जाएगी। केना के धान खरीदी प्रभारी द्वारा 20 जनवरी को 6 गेटपास बनाकर 6 डीएम जारी किया गया, उक्त गाडियों में औसत 39 किलो प्रति बोरा धान से कम वजन प्राप्त होने के कारण उक्त गाडियों की 3150 बोरी 1260.00 क्विंटल धान का संग्रहण केन्द्र में ऑनलाइन प्रविष्टि नहीं की गई है। 23 जनवरी को धान उपार्जन केन्द्र केना के भौतिक सत्यापन में 10373 भर्ती बोरा धान कम पाया गया है।


