ग्राम बच्चूखेड़ी के गौतम वेयर हाउस में रखी सरकारी अनाज की बोरियों में गेहूं की बजाय डस्ट, भूसा व छानन भरे होने के मामले की जांच में अधिकारी हैरत में हैं। दबी जुबान से वे आंशका जता रहे हैं कि हेराफेरी करने वालों ने शायद बोरियों में भूसा इसलिए भरवाया होगा, ताकि निरीक्षण करने आने वालों को बोरियां भरी दिखती रहे। इधर, जांच रिपोर्ट कलेक्टर नीरजकुमार सिंह के पास पहुंच गई है। वे बोले एफआईआर करवा रहे हैं। गौरतलब है कि कांग्रेसी नेता विजयसिंह गौतम के इस वेयर हाउस में प्रशासन ने समर्थन मूल्य पर खरीदा गया गेहूं वर्ष 2020-21 में अनुबंध के तहत रखा था। यहां भंडारित की गई इन 50-50 किलो गेहूं की 28 हजार 174 बोरियों में से 16 हजार 168 बोरी गायब होने से उज्जैन से लेकर भोपाल तक हड़कंप मचा है। घटना इसलिए भी बेहद चर्चाओं में हैं, क्योंकि बाकी की जो 12 हजार 6 बोरी वेयर हाउस में मिली हैं, उनमें गेहूं की बजाय डस्ट, भूसा व छानन भरा पाया गया है। यानी यहां भंडारित किए गए संपूर्ण गेहूं की हेराफेरी सामने आई है। इसकी कीमत 3 करोड़ रुपए से अधिक है। वेयर हाउस को सील करने के बाद पुलिस-प्रशासन व वेयर हाउस के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है। इधर, खिलचीपुर क्षेत्र के वेयर हाउस के शाखा प्रबंधक भगवान पटेल ने बताया भोपाल मुख्यालय को भी अवगत करवा दिया है। जहां से विभागीय जांच भी बैठाई जा रही है। इसके अलावा क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा वेयर हाउस को ब्लैक लिस्टेड करने की अनुशंसा भी की जा रही है। इधर, कांग्रेसी नेता गौतम मामले में तर्क देते आ रहे हैं कि वे 10 बार अधिकारियों को गेहूं उठाने के लिए रिमाइंडर दे चुके थे, उन्होंने गेहूं नहीं उठाया तो वह सड़ गया। तीन महीने से उनके पास वेयर हाउस की चाबी भी नहीं है। खाद्यान्न वितरण से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि गायब हुआ 14 हजार 87 क्विंटल गेहूं पांच सदस्यों वाले 6 हजार परिवारों को एक महीने तक वितरित किया जा सकता था। विभागीय जांच भी करवाएंगे वेयर हाउस से गायब सरकारी गेहूं की जांच रिपोर्ट मेरे पास आ गई है। मामले में दोषियों के खिलाफ एफआईआर के अलावा विभागीय जांच भी करवा रहे हैं। – नीरजकुमार सिंह, कलेक्टर


