भाई बोला- बहन की हत्या करने जीजा को भड़काया गया:कहा- सरकारी गर्ल्स हॉस्टल में गड़बड़ी की पोल खोलने की मिली सजा

गरियाबंद में 12 अप्रैल को महिला नगर सैनिक की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। हत्या उसके पति सोहन साहू ने ही की थी। आरोपी पति को पाण्डुका पुलिस ने हत्या के आरोप के जेल भेज दिया है। घटना के दो दिन बाद मृतिका का भाई गावेंद्र ध्रुव ने एक वीडियो बयान जारी किया है। जिसमें कहा है कि बहन की हत्या के लिए जीजा को प्रेरित किया गया ,बार-बार झूठी और मनगढ़ंत कहानी जीजा के पास रखी गई। गावेंद्र ने बताया कि बहन ओमिका ध्रुव गरियाबंद कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में पदस्थ थी। इस विद्यालय के अधीक्षिका को 10 फरवरी 2025 को कार्यमुक्त कर दिया गया। मामले में शिकायतकर्ता मेरी बहन थी।बहन के बयान कथन के आधार पर ही जांचकर्ताओं ने मामले को गंभीर व संवेदनशील मान कर कार्रवाई की थी। भाई बोला- जीजा को भड़काया गया भाई ने बताया कि इस कार्रवाई के बाद से लगातार बहन को विभिन्न जरिए से प्रताड़ित किया जाता रहा है। भाई ने कहा 2014 में विवाह के बाद से दो बहन के दो बच्चे हैं। अब तक किसी प्रकार से चरित्र में कोई लांछन नहीं लगाया गया था। अचानक से एक माह में बहुत कुछ बदलने लगा। भाई ने आशंका जताई है कि बहन के शिकायत से प्रभावित हुए लोगों ने ही जीजा को प्रेरित किए। हो सकता है जीजा के सामने गलत बाते रखी जा रही थी, जिसके चलते जीजा ने हत्या के लिए कदम उठाया है। भाई ने मामले में इस एंगल से भी जांच करने की गुहार लगाई है। हालांकि इस मामले अब तक कोई भी लिखित शिकायत पुलिस में नहीं की गई है। एडिशनल एसपी जितेंद्र चंद्राकर ने कहा कि शिकायत मिलेगी तो इस दिशा में जांच करेंगे। फिलहाल पीड़ित पक्ष से कोई आवेदन नहीं है। कोतवाली पोस्टिंग का आदेश लेने आ रही थी तनाव को देखते हुए ओमिका ध्रुव 29 मार्च से 7 अप्रैल तक अवकाश ले लिया था। परिजन कमांडेंट ऑफिस पहुंच कर अवकाश बढ़ाने की भी मांग किए थे। इस बीच 4 अप्रैल को ओमिका मैनपुर कस्तूरबा भी पहुंच गई थी। परेशान परिजनों ने मैनपुर पुलिस की मदद से ढूंढ निकाला था। नई अधीक्षिका का व्यवहार भी ओमिका के प्रति ठीक नहीं था। ओमिका ने अपनी पोस्टिंग कोतवाली में कराने आग्रह किया था। 12 अप्रैल को अपना आदेश लेने ही पति के साथ आ रही थी। लेकिन रास्ते में ही पति ने गला घोट कर हत्या कर दी। मृतका मुरमुरा की निवासी थी, यही के रहने वाले सोहन साहू से 2014 में लव मेरिज की थी। दोनों के दो बच्चे हैं, महिला दोनों बच्चों के साथ कुछ दिनों से मायके में ही रह रही थी। जानिए ओमिका के खुलासे के बाद क्या हुआ था जनवरी में तत्कालीन अधीक्षिका द्वारा ओमिका ध्रुव को हटाने शिकायत की गई। लेकिन ओमिका ने अपना बचाव पक्ष रखते हुए आखिर अधीक्षिका क्यों ऐसा कदम उठा रही उसका खुलासा विभाग के आला अफसरों से कर दिया। मामले की खुलासे के बाद 6 फरवरी को कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने छात्रावास का निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने अधीक्षिका अमिता मेढे को शोकाज नोटिस थमाया, जिसमें उल्लेख किया गया कि छात्रावास में अध्ययनरत छात्राओं को दबाव पूर्वक परिसर से बाहर ले जाया जाता है। जिसकी गेट में एंट्री भी नहीं की जाती। पति और देवर को कस्तूरबा विद्यालय परिसर में एंट्री दी जाती थी। इसी तरह कई बिंदुओं में अनियमितता पाई गई। जिसके बाद अधीक्षिका को 10 फरवरी को हटा दिया गया।हटाने के कारण में पूरे मामले को संवेदनशील और गंभीर बताया गया था। इस गंभीर मामले में प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। हालांकि इस आदेश के खिलाफ अमिता मेढे ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश के बाद 04 मार्च को पदस्थापना मामले में न्यायालयीन निर्णय तक यथास्थिति रखने का आदेश किया गया है।

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