मंडीदीप रेलवे स्टेशन पर अब तक रेलवे पटरी पार करने में कई हादसे से हो चुके हैं। लेकिन न तो जिम्मेदार अधिकारियों और ना ही रहवासी लोगों ने इन हादसों से सबक लिया। प्रतिदिन सैकड़ों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे पटरी पार करते हैं। रेलवे पटरी पार करने में स्कूली बच्चे, कामकाजी महिलाएं, सब्जी मंडी में सब्जियां खरीदने आने जाने वाले लोग और काम पर जाने वाले श्रमिक वर्ग के साथ ही आवागमन करने वालों में कॉलोनियों के रहवासियों की बड़ी संख्या रहती है। रेलवे ने यहां खंभे लगा दिए हैं, जिनके बीच से निकलना आसान है। पास ही अंडर ब्रिज है लेकिन समय बचाने के लिए लोग जान की परवाह किए बिना पटरी पार करते हैं। लोग पटरी पार न कर सकें। इस विषय पर रेलवे के पब्लिक रिलेशन अधिकारी नवल अग्रवाल साइड सर्वेक्षण कराने की बात कह रहे हैं। समय बचाने करते हैं पटरी पार स्कूली बच्चों ने बताया कि अंडर ब्रिज में तेज वाहन चलते हैं, जिनसे एक्ससीडेंट का खतरा बना रहता है। वहीं सब्जी लेने जा रही महिलाओं ने बताया कि मंडी और बाजार पास पड़ता है। अंडरब्रिज के नीचे या ब्रिज के ऊपर से चक्कर लगाना पड़ता है। दोनों ओर देखकर ही पटरी पार करते हैं। जबकि नीचे अंधेरा भी रहता है और तेज बाइक और बड़ी गाड़ियों का डर बना रहता है। अंडर ब्रिज से निकलने पर खतरा है। इससे पटरी पार करना ज्यादा आसान है। नहीं लिया सबक, पहले भी हो चुके हादसे रेलवे पुलिस चौकी रानी कमलापति में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार मंडीदीप रेलवे स्टेशन क्षेत्र में रेलवे पटरी पर विगत तीन वर्षों में लगभग 18 से अधिक हादसे हो चुके हैं। लेकिन लोगों ने इन हादसों से सबक नहीं लिया। साइड सर्वे के बाद निर्णय लेंगे रेलवे के पब्लिक रिलेशन अधिकारी नवल अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने सम्मिलित अधिकारियों से चर्चा की है। उन्होंने बताया कि जल्दी ही मंडीदीप स्थित उसे स्थान का सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद यह निर्णय लिया जाएगा कि वहां बाउंड्री वॉल बनानी है या नहीं।


