मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष बनाए गए। झामुमो के 13वें महाधिवेशन के दूसरे दिन मंगलवार को उनकी पार्टी अध्यक्ष के रूप में ताजपोशी हुई। पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन ने हेमंत सोरेन को केंद्रीय अध्यक्ष बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा-हेमंत को आशीर्वाद दीजिए। वहीं पार्टी में शिबू सोरेन की भूमिका भी बदल गई। उन्हें संस्थापक संरक्षक बनाया गया। मंगलवार को नलिन सोरेन ने यह घोषणा की। इससे पहले सोमवार को पार्टी के संविधान में संशोधन करते हुए कार्यकारी अध्यक्ष की व्यवस्था खत्म कर दी गई थी। केंद्रीय अध्यक्ष बनने के बाद हेमंत सोरेन ने महाधिवेशन को संबोधित किया। उन्होंने कहा-झारखंड के आंदोलनकारियों को एक-एक लाख रुपए देंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से ऐसे लोगों के नाम पार्टी कार्यालय में भेजने की अपील की। उन्होंने कहा कि झामुमो के जितने भी आंदोलनकारी हैं, उनका वीडियो संदेश भेजें। उन्हें एक लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। हेमंत ने कहा कि आने वाले दिनों में महिलाओं को भी पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी। ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को पार्टी से जोड़ने पर भी काम किया जा रहा है। महिलाओं को जिला अध्यक्ष सहित तमाम पदों पर बैठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि झामुमो के विचार को लोगों ने गले से लगाया, इसलिए हमें भी उन्हें परिवार की तरह मानना चाहिए। अब नई ऊर्जा के साथ पार्टी चलेगी और राज्य का सर्वांगीण विकास किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ाते हुए कहा कि 2029 के चुनाव से पहले ऐसा माहौल बनाएं कि विरोधियों को नतीजे पता चल जाए। पार्टी की भविष्य की नीतियों का खुलासा किया… सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों को सबक सिखाया जाएगा: हेमंत हेमंत सोरेन ने कहा कि जो भी सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसे सबक सिखाया जाएगा। हम राज्य की सवा तीन करोड़ जनता को देखकर योजनाएं बनाते हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों से पूछा कि क्या मंईयां सम्मान योजना का लाभ सिर्फ हिंदुओं को मिल रहा है। जब मैं कार्यकारी अध्यक्ष था तो गलती करने का मौका था। लेकिन अब गलती करने की भी गुंजाइश नहीं है। पार्टी में अनुशासन सबसे बड़ा बिंदु हैं। अब पार्टी को पूरे देश में फैलाने की तैयारी है। इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं को समर्पित होना होगा, तभी इस सफर को मंजिल तक पहुंचाया जा सकेगा। जात-पात, ऊंच-नीच का भेद खत्म करना होगा, तभी विकास संभव पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि हक की लड़ाई पूंजीपति नहीं, बल्कि कमजोर लोग लड़ते हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लेकिन आज भी जात-पात, ऊंच-नीच का भेदभाव खत्म नहीं हो रहा है। आज भी गरीब, आदिवासी, दलित और पिछड़ों पर अत्याचार हो रहा है। हमारे बीच ही कुछ ऐसे लोग घुसे हुए हैं, जो सामंती विचार को फैला रहे हैं। जब तक राज्य में सौहार्द का वातावरण नहीं बनेगा, तब तक विकास नहीं हो सकता। इसलिए हमें सदियों से चल रहे ताने-बाने को बचाए रखना होगा। झामुमो नेतृत्व में पीढ़ी परिवर्तन… चौथी बार सीएम बने हेमंत सोरेन झामुमो के चौथे केंद्रीय अध्यक्ष बने हैं। उन्हें सीएम के साथ ही संगठन की भी पूरी जिम्मेदारी दी गई है। झामुमो की स्थापना 1972 में विनोद बिहारी महतो ने की थी। वे पार्टी के पहले अध्यक्ष थे। 1984 में निर्मल महतो को अध्यक्ष बनाया गया, लेकिन वह कुछ समय ही इस पद पर रहे। उसी साल शिबू सोरेन पार्टी के अध्यक्ष बने और 40 साल तक पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष रहे। मंगलवार को उन्होंने हेमंत सोरेन को पार्टी की कमान सौंप दी। इससे पहले 2015 में जमशेदपुर में हुए पार्टी के महाधिवेशन में हेमंत सोरेन को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। अब वे पिता शिबू सोरेन की विरासत को आगे बढ़ाएंगे।


