झारखंड में करीब पांच साल से लोकायुक्त का पद खाली है। इस पर मंगलवार को हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। जस्टिस आनंद सेन की कोर्ट ने इस मामले में मुख्य सचिव से जवाब मांगा। हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से पूछा कि राज्य में लोकायुक्त की नियुक्ति की जाएगी या नहीं, इस पर दो हफ्ते में जवाब दाखिल करें। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील अभय कुमार मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि स्कूल के विवाद को लेकर तत्कालीन डीएसपी प्रभात रंजन बरवार ने उनसे पैसे की मांग की थी। इसकी शिकायत उन्होंने लोकायुक्त से की थी। लोकायुक्त ने वर्ष 2020 में इस मामले की जांच का आदेश दिया। लेकिन मामला लंबित रहने के दौरान ही लोकायुक्त का निधन हो गया। इस पर कोर्ट ने लोकायुक्त के वकील से पूछा कि लोकायुक्त कार्यालय में अभी कितने मामले लंबित हैं। वकील ने इसकी संख्या हजारों में बताई। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और मुख्य सचिव से पूछा कि लोकायुक्त की नियुक्ति होगी या नहीं। गौरतलब है कि लोकायुक्त का पद खाली रहने से बड़े पैमाने पर लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है।


