रांची के खनन क्षेत्रों में नियम- कानून को ताक पर रखकर वाहनों का परिचालन हो रहा है। जिले में करीब 4000 अनफिट वाहन हैं, जिनसे कोयला, बालू, गिट्टी और ईंट ढोए जा रहे हैं। रात के अंधेरे और अहले सुबह तेज रफ्तार अनफिट वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। अनफिट वाहन चलाने वाले रोड टैक्स की चोरी कर रहे हैं। अधिकतर वाहनों का इंश्योरेंस फेल है। फिर भी रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है। क्योंकि, अनफिट वाहन संचालकों और परिवहन विभाग के पदाधिकारियों के बीच साठ-गांठ होती है। इसी का नतीजा है कि आए दिन तेज रफ्तार वाहन लोगों की जान ले रहे हैं। इस साल जनवरी और फरवरी माह में पिछले वर्ष के मुकाबले सड़क दुर्घटना में तेजी आई है। सड़क सुरक्षा समिति की रिपोर्ट मानें तो जनवरी में तेज रफ्तार की वजह से 45 और फरवरी में 60 लोगों की जान चली गई है। तेज रफ्तार बालू, गिट्टी लदे वाहनों से 25 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। नंबर प्लेट नहीं होने से दुर्घटना के बाद भी वाहनों को पकड़ना पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा है। इसे देखते हुए संयुक्त परिवहन आयुक्त के निर्देश के बाद रांची के एमवीआई मुकेश कुमार ने करीब 4000 अनफिट वाहन मालिकों को नोटिस भेजा है। उन्होंने सात दिनों के अंदर अनफिट वाहनों की फिटनेस जांच कराने और रोड टैक्स जमा करने का निर्देश दिया है। 7 दिन में फिटनेस और रोड टैक्स नहीं देने पर जब्त होंगे वाहन, जुर्माना के बाद रजिस्ट्रेशन भी रद्द होगा बिना फिटनेस वाले वाहनों से दुर्घटना का सबसे अधिक खतरा सड़क सुरक्षा के जानकार ऋषभ आनंद ने बताया कि वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र जरूरी है। क्योंकि, इसी से तय होता है कि वाहन सड़क पर चलने योग्य है या नहीं। बिना फिटनेस जांच के चलने वाले वाहनों से हादसे का खतरा सबसे अधिक होता है। हाल के दिनों में दो लोगों को अनफिट वाहनों ने कुचला 20 मानकों पर वाहनों का खरा उतरना जरूरी किसी भी वाहन के फिटनेस की जांच के लिए 20 मानक तय हैं। उन पर वाहनों का खरा उतरना जरूरी है। वाहन की बॉडी, टायर, स्टेयरिंग, सस्पेंशन, हॉर्न, लाइट, ब्रेक सिस्टम, वाहनों की उम्र व अन्य मापदंडों को पूरा करने वाले वाहन ही सड़क पर चलने योग्य माने जाते हैं। लेकिन रांची में इन मानकों को पूरा नहीं करने वाले हजारों वाहन सड़क पर दौड़ रहे हैं।


