जयपुर LPG टैंकर हादसे के मरीजों को इंफेक्शन का खतरा:चादर नहीं बदलने की शिकायत की; अधीक्षक बोले- दो-तीन बार ड्रेसिंग कर रहे

जयपुर के भांकरोटा में हुए एलपीजी टैंकर ब्लास्ट में जले लोग एसएमएस के बर्न वार्ड में भर्ती हैं। उनमें इंफेक्शन का खतरा बढ़ गया है। इंफेक्शन के खतरे के पीछे दो बड़े कारण सामने आ रहे हैं। पहला वीआईपी का मूवमेंट और दूसरा चादर का न बदलना है। दरअसल, जब से एसएमएस में घायलों का आना शुरू हुआ था, तब से लेकर आज दोपहर तक 10 से ज्यादा मंत्री, विधायक और दूसरे नेता इन घायलों की कुशलक्षेम पूछने एसएमएस पहुंच चुके है। इनके साथ इनका स्टाफ भी बर्न वार्ड के पास पहुंच रहा है। इससे अब वार्ड में मरीजों के लिए इंफेक्शन का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए अब डॉक्टर्स ने अब वीआईपी लोगों को वार्ड में न जाने की सलाह दी है। चादर न बदलने की शिकायत इधर बर्न वार्ड के बाहर खड़े मरीजों के परिजन ने उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी से मरीजों के बैड पर चादर नहीं बदलने की भी शिकायत की। मरीजों का कहना है कि मरीजों की चादर बहुत ज्यादा गंदी है। उसे बदला नहीं जा रहा। इस पर उपमुख्यमंत्री ने संबंधित डॉक्टर्स और प्रशासनिक अधिकारियों को इस पर तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दिए। अधीक्षक बोले- दो से तीन बार ड्रेसिंग करनी पड़ रही चादर न बदलने के सवाल पर एसएमएस के अधीक्षक डॉक्टर सुशील भाटी ने कहा- बैडशीट रेगुलर बदली जा रही है। मरीज बहुत ज्यादा जल गए हैं। उनके शरीर से इतना रिसाव होता है कि दिन में दो से तीन बार ड्रेसिंग करनी पड़ रही है। इसे देखते हुए हमने यहां राउंड दी क्लॉक तीन-चार स्वीपर लगा रखे हैं। जो रेगुलर सफाई कर रहे हैं। फिर भी कुछ शिकायतें आ रही है, जो वाजिब है।

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