केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज मध्यप्रदेश के नीमच में हैं। वे यहां सीआरपीएफ के ग्रुप सेंटर में सीआरपीएफ दिवस परेड (राइजिंग-डे) में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए हैं। यह कार्यक्रम केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के 86वें स्थापना दिवस समारोह का हिस्सा है। समारोह में सीआरपीएफ की 8 टुकड़ियां परेड करेंगी। इसके बाद गृह मंत्री वीरता पदकों के लिए चयनित सीआरपीएफ कर्मियों को वीरता पदक प्रदान करेंगे। कोबरा, आरएएफ, वैली क्वॉट और डॉग स्क्वॉड जैसी इकाइयां विशेष प्रदर्शन पेश करेंगी। गृहमंत्री शहीद स्थल पर बल के वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि देंगे। उसके बाद शहीदों के परिवारों, परेड कमांडरों और जवानों के साथ मुलाकात करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे। सरदार पटेल ने दिया था सीआरपीएफ नाम
सीआरपीएफ दिवस हर साल 19 मार्च को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1950 में तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने बल को ध्वज प्रदान किया था। इस वर्ष परेड 17 अप्रैल को विस्तारित समारोहों के तहत की जा रही है। नीमच का ऐतिहासिक मूल्य भी इस अवसर पर विशेष महत्व रखता है। यहां 27 जुलाई 1939 को ब्रिटिश शासन काल में ‘क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस’ की स्थापना की गई थी, जिसे स्वतंत्रता के बाद 28 दिसंबर 1949 को देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) नाम दिया। विश्व का सबसे बड़ा और सुसज्जित अर्धसैनिक बल
सीआरपीएफ ने देशी रियासतों के एकीकरण से लेकर आंतरिक सुरक्षा, उग्रवाद-आतंकवाद विरोधी अभियान, अंतरराष्ट्रीय शांति स्थापना, वीआईपी सुरक्षा और आपदा प्रबंधन तक अनेक मोर्चों पर सशक्त भूमिका निभाई। आज यह विश्व का सबसे बड़ा और सुसज्जित अर्धसैनिक बल है। यहां ट्रेनिंग से लेकर कई गतिविधियां होती हैं
सीआरपीएफ के नीमच परिसर में वर्तमान में केंद्रीय प्रशिक्षण महाविद्यालय (CTC), रंगरूट प्रशिक्षण केंद्र (RTC), ग्रुप केंद्र, रेंज कार्यालय, संयुक्त अस्पताल, प्रथम बटालियन और 4 सिगनल बटालियन हैं। यहां ट्रेनिंग से लेकर प्रशासनिक और ऑपरेटिंग कार्यों तक, विविध गतिविधियां होती हैं।


