बच्चों को मोबाइल की लत से बचाने के लिए दाउदी बोहरा समाज ने अनूठी पहल की है। समाज के 15 वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों के लिए मोबाइल बैन कर दिया गया है। धर्मगुरु सैयदना आलीकदर मुफद्दल मौला के इस फैसले को लागू करने के लिए समाज अब देश-दुनिया में फैले सभी अनुयायियों को प्रेरित करेगा। बोहरा समाज के मीडिया प्रभारी मजहर हुसैन सेठजीवाला ने बताया, मस्जिदों की कमेटी और समाज के विभिन्न संगठन बच्चों को जागरूक करेंगे। हाल ही में सैयदना साहब ने समाज के बच्चों से चर्चा की थी और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी थी। ऐसे चलाएंगे अभियान श्योपुर में अभियान शुरू श्योपुर में दाऊदी बोहरा समाज के वरिष्ठ लोगों का कहना है कि समाज से हर एक बुराई को खत्म करने की दिशा में अलग-अलग पहल करते जा रहे हैं। इसका असर भी हमारे समाज में नजर आने लगा है। मौला की नई पहल का असर 3 दिन के भीतर समाज में देखने को मिल रहा है। जिले के बोहरा दाऊदी समाज का कहना है कि छोटे-छोटे बच्चे मोबाइल के इतने आदि हो गए हैं कि खाना तक मोबाइल देखे बिना नहीं खाते। मोबाइल गेम की वजह से एकांकी और चिड़चिडे हो रहे थे। आंखों पर भी इफेक्ट हो रहा था। इस समस्या को देखते हुए उनके समाज के मौलाना ने 3 दिन पहले फरमान जारी किया कि जीरो से 15 वर्ष के बच्चे मोबाइल का उपयोग नहीं करें। इस तरह के प्रयास किए जाएं। धर्मगुरु सैयदना आलीकदर मुफद्दल मौला के इस फरमान को समाज के युवाओं ने घर-घर जाकर पहुंचाया। बच्चों को मोबाइल का उपयोग न करने के लिए कहा। इसके बाद बच्चों ने भी मोबाइल का उपयोग करना बंद कर दिया है। इनका क्या कहना है…
इस बारे में बोहरा समाज के स्कूली छात्र मुजफ़ा का कहना है कि अब वह मोबाइल का उपयोग नहीं करते। मौला ने ऐसा कहा है। इस वजह से उन्होंने मोबाइल चलाना बंद कर दिया। बोहर्रा समाज से ताल्लुक रखने वाले भाजपा नेता मुस्तफा दाऊदी का कहना है कि अब समाज के मौला के आदेश के बाद मोबाइल पर प्रतिबंध लग गया है। तीन दिन में ही इसका असर दिख रहा है। दाऊदी बोहरा समाज के बुजुर्ग अकबर अली का कहना है कि, बच्चों को मोबाइल देना बहुत ही खतरनाक है, इससे बच्चों पर दुष्प्रभाव पड़ता है, यह मुहिम सिर्फ दाऊदी बोहरा समाज नहीं बल्कि, हर समाज को अपनानी चाहिए क्योंकि यह बच्चों के भविष्य का सवाल है।


