छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में सुशासन तिहार में पत्नी को वापस दिलाने का आवेदन फर्जी निकला। बलरामपुर के ग्राम चुमरा निवासी जिब्राइल खान के नाम से आवेदन सुशासन तिहार में जमा करना बताया गया है। यह आवेदन सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जिब्राइल खान ने आवेदन को फर्जी बताते हुए बलरामपुर एसपी कार्यालय में इसकी शिकायत की है। सुशासन तिहार में कई अनोखी मांग वाले आवेदन आए हैं, जो सोशल मीडिया में वायरल भी हो रहे हैं। इसमें बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत चुमरा निवासी जिब्राइल खान का एक आवेदन सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जिब्राइल खान के नाम पर जमा आवेदन में पत्नी को वापस दिलाने की मांग की गई है। यह आवेदन पुलिस विभाग को दिया गया है। आवेदन में जो मोबाइल नंबर दिया गया है, वह जिब्राइल खान का ही है। आवेदन फर्जी…बलरामपुर SP से शिकायत जिब्राइल खान चुमरा के निवासी हैं और पंच भी रह चुके हैं। उनके नाम से आवेदन वायरल होने के बाद जिब्राइल खान ने बलरामपुर SP को आवेदन सौंप कार्रवाई की मांग की है। जिब्राइल खान ने बताया कि सुशासन तिहार का उक्त आवेदन उन्होंने नहीं दिया है। आवेदन दिनांक 11 अप्रैल को वे चुमरा में उपस्थित भी नहीं थे। आवेदक बोले-बदनाम करने किसी ने दिया आवेदन जिब्राइल खान ने बताया कि 11 अप्रैल को वे बलरामपुर कलेक्टर कार्यालय में अपने एक जब्त ट्रक को छुड़ाने आए थे। वे चुमरा शिविर में गए ही नहीं थे। वायरल हुए आवेदन पत्र में हस्ताक्षर भी उनके हस्ताक्षर से अलग है। किसी ने बदनाम करने के लिए मेरे नाम पर आवेदन दे दिया है। इसकी शिकायत एसपी बलरामपुर से की गई है। सरगुजा में आए अनोखे मांग वाले आवेदन सुशासन तिहार में कई अनोखे मांग वाले आवेदन भी आए हैं। सरगुजा में एक संविदा कर्मचारी ने अपनी शादी के लिए अनोखा आवेदन लगाया है। आवेदन लिखा है कि मैं 46 साल का हो चुका हूं। मेरी शादी नहीं हुई है। घरवाले भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। कोई अच्छी लड़की देखकर मेरी शादी करवा दो। भफौली निवासी मनोज टोप्पो ने यह आवेदन महिला एवं बाल विकास के नाम पर दिया है। दूसरा मामला मैनपाट ब्लॉक के कदनई पंचायत का है। यहां के रहने वाले अजेश कुमार ठाकुर ने भी सुशासन तिहार के कार्यक्रम आवेदन किया है। आवेदन देकर बाइक की मांग की है। युवक ने आवेदन में लिखा कि उसे ससुराल और बाजार जाने में दिक्कत होती है। युवक ने आवेदन में लिखा है कि उसे बाइक की जरूरत है, क्योंकि उसके गांव से ससुराल और हाट बाजार दूर है। यह आवेदन 10 अप्रैल को कदनई पंचायत के शिविर में जमा किया गया है।


