पंजाब के मानसा जिले में गुरुवार को किसानों के साथ बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नंगल कलां गांव की अनाज मंडी में गेहूं की तुलाई के दौरान आढ़तियों द्वारा किसानों से प्रति बोरी 1 से 4 किलो तक गेहूं अधिक भरवाया जा रहा था। यह मामला तब उजागर हुआ जब गांव के किसान रेशम सिंह, गुरपयार सिंह और जगसीर सिंह रात को अपनी फसल बेचने मंडी पहुंचे। उन्हें तुलाई के दौरान संदेह हुआ कि बोरियों में अधिक गेहूं डाला जा रहा है। किसानों ने जब इन बोरियों की दूसरी जगह पर तुलाई करवाई, तो उनकी आशंका सही निकली। सरपंच ने मौके पर पहुंचकर करवाई जांच सूचना मिलते ही गांव के सरपंच ने मौके पर पहुंचकर मंडी में रखी सभी बोरियों की जांच करवाई। जांच में पाया गया कि हर बोरी में निर्धारित मात्रा से 1 से 4 किलो तक अधिक गेहूं भरा गया था। सरपंच और किसान नेताओं का आरोप है कि धान की फसल के समय भी मोइश्चर के नाम पर किसानों के साथ धोखाधड़ी की गई थी। मंडी के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडी के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी स्वीकार किया कि जांच की गई सभी बोरियों में निर्धारित मात्रा से अधिक गेहूं पाया गया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरपंच ने जिला प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर किसानों के साथ हो रही इस धोखाधड़ी को नहीं रोका गया तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।


