छत्तीसगढ़ सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण की दर में महत्वपूर्ण वृद्धि की है। अब संग्रहणकर्ताओं को प्रति मानक बोरा 5500 रुपए मिलेंगे। यह दर पहले 4000 रुपए थी। कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड में तेंदूपत्ता संग्रहण का काम तेजी से चल रहा है। इस साल यहां 28,400 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए बूटा कटाई का काम लगभग समाप्त हो चुका है। वनमंडलाधिकारी गुरुनाथन एन. के नेतृत्व में प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में एसोसिएट प्रोफेसर सागर जे. नेताम, उपप्रबंधक राजेश कश्यप और अन्य वन विभाग के अधिकारी मार्गदर्शन कर रहे हैं। भंडारण और परिवहन की जानकारी दी फड़मुंशी और फड़अभिरक्षकों को संग्रहण की पूरी प्रक्रिया समझाई जा रही है। उन्हें तेंदूपत्ता शक्कर्टन, भंडारण और परिवहन की जानकारी दी जा रही है। साथ ही दलों के गठन और समय-समय पर आवश्यक उपचार कार्य की भी जानकारी दी जा रही है। लाखों लोगों को मिलता है रोजगार उप वनमंडल अधिकारी जे. नेताम के मुताबिक, तेंदूपत्ता संग्रहण ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का प्रमुख स्रोत है। यह लाखों लोगों को सीधा रोजगार देता है। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संग्रहकर्ता बिना किसी समस्या के अपना काम कर सकें।


