कोरिया जिले और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में नशे को लेकर दो अलग-अलग घटनाएं चर्चा में हैं। एक ओर बैकुंठपुर में महिला कॉलेज के पास शराब दुकान खोले जाने से छात्राओं की सुरक्षा पर संकट खड़ा हो गया है, वहीं दूसरी ओर पटना जनपद पंचायत में समाज कल्याण विभाग द्वारा युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। कोरिया जिले के बैकुंठपुर में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। विभाग ने महिला कॉलेज से मात्र 10 मीटर की दूरी पर शराब दुकान खोल दी है। तलवापारा स्थित मार्गदर्शन कॉलेज में 450 छात्राएं बीएड और नर्सिंग की पढ़ाई कर रही हैं। कलेक्टर कार्यालय से 2 किलोमीटर दूर स्थित इस कॉलेज के पास शराब दुकान की मौजूदगी से गंभीर समस्या पैदा हो गई है। छात्राओं के साथ होता है दुर्व्यवहार छात्राओं को रोजाना नशेड़ियों का सामना करना पड़ता है। कई बार शराबी लोगों ने छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार भी किया है। इस समस्या को लेकर कॉलेज प्रबंधन ने कई बार कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। आबकारी विभाग ने नियमों की अनदेखी करते हुए शैक्षणिक संस्थान के नजदीक शराब दुकान खोली है। प्रशासन की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोग और कॉलेज प्रबंधन शराब दुकान को हटाने की मांग कर रहे हैं। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के पटना के स्कूल में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम वहीं, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के पटना नगर पंचायत के सुखदेव सिंह हायर सेकंडरी स्कूल में समाज कल्याण विभाग और ग्राम विकास समिति बैकुंठपुर ने नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना था। वक्ताओं ने नशे से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि नशा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इससे गंभीर बीमारियां होती हैं। सड़क दुर्घटनाएं बढ़ती हैं। परिवार में तनाव पैदा होता है। बच्चों पर बुरा असर पड़ता है। आर्थिक स्थिति खराब होती है और समय बर्बाद होता है। संस्था प्रभारी ने नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र की जानकारी दी। धौराटिकरा, बैकुंठपुर में स्थित इस केंद्र में सभी सुविधाएं नि:शुल्क हैं। यहां आवास, परामर्श और चिकित्सा मिलती है। भोजन की व्यवस्था है। योग, शिक्षा और जीवन कौशल विकास की सेवाएं भी दी जाती हैं। कार्यक्रम में स्कूल व्यवस्थापक प्रेम सागर सिंह और प्राचार्य अशोक कुमार यादव मौजूद रहे। स्थानीय नागरिक, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए। सभी ने इस पहल को समाज के लिए सकारात्मक कदम बताया।


