कांग्रेस ने जयपुर शहर के दोनों नगर निगमों के एकीकरण और वार्डों की संख्या में कटौती के फैसले को लेकर आपत्ति जताई है। कांग्रेस ने गुरुवार (17 अप्रैल) को जयपुर में अतिरिक्त जिला कलेक्टर विनीता सिंह को ज्ञापन सौंपा। जयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आरआर तिवाड़ी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर इस फैसले के खिलाफ आपत्तियां दर्ज कराईं। इस दौरान आदर्श नगर विधायक रफीक खान भी मौजूद रहें। इसमें वार्ड परिसीमन को लेकर उठाई गई आपत्तियों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। आपत्तियों पर की चर्चा संगठन महासचिव सीताराम शर्मा नेहरू ने बताया कि बीते दो दिनों में जिला कांग्रेस कार्यालय में लगातार बैठकों का आयोजन कर दर्जनों वार्डों से प्राप्त आपत्तियों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कई वार्डों की सीमाएं असमान और अव्यवस्थित हैं। कहीं एक वार्ड दो विधानसभा क्षेत्रों में विभाजित है, तो कहीं एक वार्ड तीन थानों के अंतर्गत आता है। वार्डों की जनसंख्या में भी भारी असंतुलन है – कहीं 37 हजार की आबादी है, तो कहीं केवल 10 हजार की ही आबादी है। बगरू में भी समानता-संतुलन नहीं सीताराम शर्मा ने कहा कि बगरू क्षेत्र में 13 पंचायतों को नगर निगम में विलय कर दिया गया है, लेकिन वहां भी समानता और संतुलन नहीं बरता गया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि यह पूरा परिसीमन राजनीतिक द्वेष के तहत किया गया है और इससे आम जनता को नुकसान हो रहा है। कांग्रेस ने कहा कि यदि वार्डों का सीमांकन विधिसम्मत और निष्पक्ष रूप से नहीं किया गया, तो वे इस मुद्दे को राजस्थान हाई कोर्ट तक ले जाएंगे।


