हरियाणा के चरखी दादरी में राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी सौरभ स्वामी के दादा श्रीचंद स्वामी की जिंदा जलकर मौत हो गई। उनकी उम्र करीब 100 साल थी। घटना बुधवार रात को शॉर्ट सर्किट के कारण हुई। परिवार ने उनकी श्रीचंद के लिए केयरटेकर रखा हुआ था, जो गुरुवार की सुबह पहुंचा तो बुजुर्ग के जलने का पता चला। इसके बाद तुरंत पुलिस बुलाई गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। एफएसएल टीम ने भी मौके से कुछ सैंपल लिए। बुजुर्ग श्रीचंद स्वामी का मकान चरखी दादरी शहर के रामलीला ग्राउंड के पास था, जहां वे अकेले रहते थे। बता दें कि IAS अधिकारी सौरभ स्वामी इस वक्त राजस्थान में ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन (BIP) के एडिशनल कमिश्नर हैं। सौरभ के पिता अशोक स्वामी की रोहतक चौक पर स्वामी स्वीट्स के नाम से दुकान है। अशोक स्वामी काफी समय तक इनेलो पार्टी में भी रहे। IAS के पिता ने घटना के बारे में क्या बताया अब पढ़िए श्रीचंद की देखभाल करने वाले केयरटेकर की 2 बड़ी बातें… उस कमरे का हाल, जिसमें बुजुर्ग जिंदा जले
जिस कमरे में बुजुर्ग श्रीचंद स्वामी की जलकर मौत हुई, वह ज्यादा बड़ा कमरा नहीं है। इसी कमरे से छत पर जाने के लिए सीढ़ियां लगी हैं। कमरे में 2 दरवाजे हैं। कमरे में लगी विंडो से सटी वह चारपाई पड़ी थी, जिस पर हादसा हुआ। चारपाई रस्सियों से बुनी गई थी। ये रस्सियां पूरी तरह जल चुकी थीं। इसके अलावा चारपाई में लगा एक बांस पूरी तरह जल चुका था, जबकि अन्य तीनों हलके जले थे। बायां हाथ और चेहरा पूरी तरह जला
चारपाई के चारों पाए नहीं जले थे। चारपाई के सामने ही एक कूलर और ड्रेसिंग टेबल रखा था, जो कमरे में बनी अलमारी के बराबर में मौजूद था। केयरटेकर दीपक के मुताबिक चारपाई की सारी रस्सियां जल चुकी थीं, श्रीचंद का शव उसके बीच में पड़ा था। उनका बायां हाथ और चेहरा पूरी तरह जल चुका था। बराबर में रखी मेज पर खाने का सामान रखा था। इसके अलावा श्रीचंद का आर्टिफिशियल जबड़ा भी मेज पर रखी पानी से भरी एक कटोरी में था। पुलिस ने इत्तफाकिया कार्रवाई की
इस बारे में चरखी दादरी के सिटी थाना के जांच अधिकारी ASI बिजेंद्र सिंह ने बताया कि बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण हादसा हुआ है। इन्वर्टर से कूलर चलाने के लिए बिजली की तार लगाई हुई थी, जिसके जॉइंट में शॉर्ट सर्किट होने के कारण हादसा हुआ है, जिसमें बुजुर्ग श्रीचंद स्वामी की मौत हुई है। मृतक के बेटे के बयान दर्ज कर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की गई है। बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है। श्रीचंद का पॉलिटिकल कनेक्शन भी सामने आया
श्रीचंद स्वामी का पॉलिटिकल कनेक्शन भी सामने आया है। परिजनों के मुताबिक श्रीचंद हलवाई के साथ-साथ खेतीबाड़ी भी करते थे। उन्होंने पार्षद का चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें जीत मिली थी। इसके अलावा उनके बेटे अशोक स्वामी भी इनेलो से जुड़े रहे हैं। रेहड़ी पर मिठाई बेचने वाले हलवाई का बेटा बना IAS
IAS सौरभ स्वामी के पिता अशोक स्वामी पहले रेहड़ी पर मिठाई बेचते थे। बाद में उन्होंने शहर के रोहतक चौक पर स्वामी स्वीट्स के नाम से दुकान खोली, जो वे अब भी चला रहे हैं। सौरभ ने अपनी स्कूली शिक्षा चरखी दादरी से पूरी की। इसके बाद दिल्ली के भारतीय विद्यापीठ कॉलेज से इंजीनियरिंग की। इंजीनियरिंग करने के बाद बेंगलुरु में नौकरी की। सौरभ स्वामी ने 2015 में सिविल सेवा परीक्षा में पहला प्रयास किया और प्रीलिम्स की परीक्षा को पास करने में सफल रहे। इसके बाद वह मेंस में पहुंचे और मेंस के सभी विषयों की परीक्षा को पास किया। सौरभ ने अपने वैकल्पिक विषय के रूप में भूगोल को रखा था। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनके पास समय कम था। ऐसे में इस विषय को लेकर उन्हें थोड़ी बहुत जानकारी पहले से थी, जिससे इस विषय की तैयार करने में मदद मिली। वह मेंस की परीक्षा को भी पास करने में सफल रहे और इंटरव्यू तक पहुंचे। इंटरव्यू क्लियर कर IAS बने। वर्तमान में राजस्थान में ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन (BIP) के एडिशनल कमिश्नर हैं।


