कोंडागांव में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने महान स्वतंत्रता सेनानी तात्या टोपे की पुण्यतिथि मनाई। कार्यक्रम में तात्या टोपे के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर दीप प्रज्वलन किया गया। उपस्थित लोगों ने देशभक्ति के नारे लगाए। बस्तर संभाग प्रभारी सुब्रत साहा ने तात्या टोपे के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि तात्या टोपे 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नायक थे। वे झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के साथ ग्वालियर की रक्षा में सक्रिय रहे। उन्होंने जनरल विंडहैम को कानपुर से खदेड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नाना साहब के विश्वस्त सहयोगी थे तात्या टोपे जिलाध्यक्ष सूरज यादव ने बताया कि तात्या टोपे का जन्म 1814 में नासिक में हुआ था। वे नाना साहब के विश्वस्त सहयोगी थे। उनकी गुरिल्ला युद्ध नीति से अंग्रेज सेना भयभीत रहती थी। उन्होंने 150 से अधिक युद्ध लड़े और 10,000 से ज्यादा ब्रिटिश सैनिकों को मार गिराया। कार्यक्रम में परिषद के संरक्षक सुब्रत साहा, जिलाध्यक्ष सूरज यादव के साथ सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा भी मौजूद रहे। इस आयोजन ने युवाओं में देशभक्ति की भावना को जागृत किया।


