उदयपुर में शनिवार की शाम को शिल्पग्राम उत्सव का आगाज हुआ। राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागडे ने नगाड़ा बजाकर इस उत्सव का शुभारंभ किया। हवाला रानी रोड स्थित शिल्पग्राम में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर द्वारा आयोजित शिल्पग्राम महोत्सव के उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि मुक्तकाशी मंच पर राज्यपाल ने कहा कि लोक कलाएं जीवन का उजास और सामूहिक चेतना है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की जड़ें इतनी गहरी हैं कि उसे कोई मिटा नहीं सकता। विशिष्ट अतिथि सांसद मन्नालाल रावत तथा विधायक फूल सिंह मीणा थे। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर के निदेशक फुरकान खान अतिथियों का स्वागत किया और शिल्पग्राम महोत्सव के संबंध में जानकारी दी। उद्घाटन समारोह में राजस्थान के हवामहल को बैकग्राउंड वाले मंच पर ‘रिद्म ऑफ इंडिया-म्यूजिकल सिंफनी’ में शामिल विभिन्न राज्यों के दो दर्जन से अधिक वाद्य यंत्रों पर 50 से ज्यादा कलाकारों की बजाई धुनों ने शिल्पग्राम का माहौल संगीतमय बना दिया और मुक्ताकाशी मंच पर मौजूद सैकड़ों दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। वहीं, 15 फोक डांस की ‘कलर्स ऑफ इंडिया’ सामूहिक प्रस्तुति में 225 डांसर्स के सामूहिक डांस ने भी खूब समां बांधा। राज्यपाल ने समारोह में डॉ. रूप सिंह शेखावत (भवाई लोक नृत्य) और गणपत सखाराम मसगे (कठपुतली एवं चित्रकला) को डॉ. कोमल कोठारी लाइफ टाइम अचीवमेंट लोक कला पुरस्कार प्रदान किया। इस पुरस्कार में प्रत्येक को एक रजत पटि्टका के साथ 2.51 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई। इस मेले में 400 स्टॉल लगाई गई और 20 राज्यों के करीब 800 लोक कलाकार हिस्सा ले रहे है। यहां रोजाना ओपन माइक कार्यक्रम भी रखा गया है।


