फरीदकोट बहिबल फायरिंग केस में AAP सरकार को घेरा:कोर्ट में पैरवी न करने का आरोप, पीड़ित परिवार ने फाइनल चार्जशीट दाखिल की मांग की

पंजाब में फरीदकोट के बहिबल इंसाफ मोर्चा के नेता और गोलीकांड पीड़ित परिवार के सदस्य सुखराज सिंह नियामीवाला ने शनिवार को फरीदकोट में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बहिबल गोलीकांड केस को फरीदकोट अदालत से चंडीगढ़ ट्रांसफर होने और अब सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार की याचिका खारिज होने को लेकर राज्य की आप सरकार पर हमला बोला और अदालत में केस की सही तरीके से पैरवी न करने के गंभीर आरोप लगाए। इस मौके पर सुखराज सिंह नियामीवाला ने कहा कि सरकार उस समय भी विफल रही थी जब यह केस फरीदकोट अदालत से चंडीगढ़ जिला अदालत में ट्रांसफर किए गए थे और अब सरकार ने इन केसों को चंडीगढ़ से वापस फरीदकोट लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन उसकी सही तरीके से पैरवी नहीं की गई, जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की मांग को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि बरगाड़ी बेअदबी मामले और उससे संबंधित गोलीकांड के घटनाओं के पीड़ितों को न्याय दिलाने में तत्कालीन सरकारों ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई, जबकि 2 सरकारें इन्हीं मुद्दों को उठाकर बनी थीं। AAP ने बेअदबी कांड में कोई कार्रवाई नहीं की उन्होंने राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले बड़े-बड़े वादे करने वाली आम आदमी पार्टी ने अपनी सरकार के तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान बेअदबी और गोलीकांड की घटनाओं में न्याय दिलाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है, और न ही वादे के अनुसार बहिबल गोलीकांड केस की जांच मुकम्मल कर फाइनल चालान पेश किया है। उन्होंने मांग रखी कि चंडीगढ़ स्थानांतरित केस की राज्य सरकार द्वारा उचित तरीके से पैरवी की जानी चाहिए ताकि आरोपियों को सजा मिल सके। गोलीकांड में भूमिका वाले अधिकारियों को किया गया पुरस्कृत- सुखराज सिंह नियामीवाला इस मौके पर सुखराज सिंह नियमीवाला ने कहा कि गोलीकांड केस में शामिल पुलिस अधिकारियों को पदोन्नति देकर पुरस्कृत किया जा रहा है तथा इनमें से एक अधिकारी को फरीदकोट जिले में भी तैनात किया गया है। इन अधिकारियों की गोलीकांड की घटना में भूमिका सामने आई थी और अभी केस की जांच भी मुकम्मल नहीं हो पाई है।

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