कोंडागांव जिले में 2015-16 में शुरू हुई सिटी बस सेवा अब जर्जर हालत में है। भाजपा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों को शहर से जोड़ने के लिए यह सेवा शुरू की थी। मात्र 5-6 रुपए किराए में यात्रियों को सफर की सुविधा मिलती थी। सेवा जिले के पांच विकासखंड केसकाल, कोंडागांव, फरसगांव, माकड़ी और बड़ेराजपुर को जोड़ती थी। लेकिन यह सेवा महज 5-6 महीने ही चल पाई। अब 9 साल से ये बसें नगर पालिका कार्यालय के सामने जंग खा रही हैं। बस शराबियों का अड्डा बन गया है। नशेड़ी लोग यहां बैठकर शराब पीते है। वहीं, पानी पड़ने से बस के अंदर फूल पौधे उग आए है। असामाजिक गतिविधियों का केंद्र बना बस इन बसों की न तो मरम्मत हुई और न ही इन्हें दोबारा चालू करने की कोई योजना बनी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अब यात्रियों की जगह शाम होते ही शराबी इन बसों में जमा होने लगते हैं। शहर के बीचोंबीच खड़ी ये बसें न सिर्फ बदहाल व्यवस्था का प्रतीक बन गई हैं, बल्कि असामाजिक गतिविधियों का केंद्र भी बन चुकी हैं। सस्ते किराए पर सेवा शुरू करने की आस प्रदेश में भाजपा सरकार के फिर से आने से लोगों में उम्मीद जगी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस सरकार ने यह सेवा शुरू की थी, वही इसे फिर से शुरू कर सकती है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग एक बार फिर शहर से सस्ते किराए पर जुड़ने की आस लगाए बैठे हैं।


