झारखंड के रामगढ़ जिले में सीसीएल सिरका कोलियरी की खुली खदान में हुए भारी विस्फोट से एक परिवार का घर क्षतिग्रस्त हो गया। घटना सिरका गांव में हुई, जहां बसंत बेदिया के घर की मिट्टी की दीवार धंस गई। घटना के समय बसंत और उनके परिवार के सदस्य कमरे में सो रहे थे, जो बाल-बाल बच गए। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने खदान में चल रहे खनन कार्य और परिवहन को रोक दिया। उन्होंने मकान की क्षति का मुआवजा और सुरक्षा की मांग की। सूचना मिलते ही सिरका सुरक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। मैनेजर के व्यवहार से लोग नाराज हो गए प्रबंधन की ओर से एक मैनेजर ने ग्रामीणों से मुलाकात की, लेकिन उनके व्यवहार से लोग नाराज हो गए। स्थिति को संभालने के लिए सिरका पायो ने हस्तक्षेप किया और ग्रामीणों से बातचीत कर मामले को शांत कराया। मीडियाकर्मियों द्वारा घटनास्थल और प्रदर्शनकारी ग्रामीणों की तस्वीरें लेने को लेकर मैनेजर से विवाद भी हुआ। ग्रामीणों ने अरगड्डा के जीएम से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। प्रदर्शन में रीना देवी, ललिता देवी, सावित्री देवी, नूतन देवी, शीला देवी, सरस्वती देवी, बसंत बेदिया, प्रदीप बेदिया सहित कई ग्रामीण शामिल थे।


