पानी की किल्लत से जूझ रहे गांव का कमाल:कोरिया में जुगाड़ से हर घर तक पानी पहुंचाया,इधर निगम के ऑफिस में ही पानी नहीं

छत्तीसगढ़ इन दिनों गर्मी से जूझ रहा है और इसके साथ ही जगह-जगह जल संकट की गंभीर तस्वीरें सामने आ रही हैं। इस बीच कोरिया जिले में कहीं जनता खुद ही ‘PHE विभाग’ बन गई, तो कहीं प्रशासन ही पानी को तरस गया, वहीं सेवा भावना ने मनेन्द्रगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को राहत दी। बैरागी गांव में जुगाड़ से गांव के हर घर तक पानी पहुंचाया कोरिया जिले के भरतपुर सोनहत विधानसभा के बैरागी गांव में रहने वाले 80 परिवारों ने वर्षों से चली आ रही जल संकट की समस्या का अनोखा हल ढूंढ निकाला। यहां गांववालों ने खुद की मेहनत से नहर से गांव तक पानी लाने का रास्ता निकाला। उन्होंने नहर की चट्टानों को पाइप के आकार में काटा। इसके बाद लकड़ियों को भी पाइप की तरह तैयार किया। ग्रामीणों ने करीब एक किलोमीटर लंबी मिट्टी की नाली बनाई। इस जुगाड़ से गांव के हर घर तक पानी पहुंचाया जा रहा है। जिस घर में पानी की जरूरत होती है, उस तरफ पानी का रुख मोड़ दिया जाता है। गांव के लोग इस पानी का उपयोग घरेलू कामों के साथ-साथ खेती-किसानी में भी कर रहे हैं। लगभग 300 की आबादी वाले इस गांव में लोगों ने जल संकट का स्थायी समाधान निकाला है। गांव के लोग खुद को पीएचई विभाग की तरह संगठित कर पानी का प्रबंधन कर रहे हैं। यह पहल दिखाती है कि सामुदायिक प्रयास से बड़ी समस्याओं का समाधान संभव है। चिरमिरी नगर निगम: खुद प्रशासन के ऑफिस में पानी नहीं दूसरी ओर, कोरिया जिले के ही चिरमिरी नगर निगम की स्थिति एकदम उलट है। यहां नगर निगम कार्यालय में पिछले तीन दिनों से नल सूखे हैं, और अधिकारी खुद पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। वहीं, निगम के अधिकारी और जनप्रतिनिधि 40 वार्डों में पानी की आपूर्ति का दावा करता है, लेकिन उनका अपना कार्यालय ही प्यासा बैठा है। गर्मी के मौसम में जल प्रबंधन की यह नाकामी न सिर्फ प्रशासनिक उदासीनता दिखाती है, बल्कि आम नागरिकों की हालत को भी दर्शाती है। सेवा भावना से मनेन्द्रगढ़ अस्पताल के महिला वार्ड में लगा एसी इसी बीच मनेन्द्रगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक सुंदर मिसाल पेश की गई। दुग्गड़ परिवार ने अपने पिता स्व. गणेशमल दुग्गड़ की स्मृति में महिला वार्ड में दो एयर कंडीशनर (AC) लगवाए। गर्मी से बेहाल मरीजों को इससे बड़ी राहत मिली है। गौतम और उत्तम दुग्गड़ ने बताया कि यह कार्य पिता की सेवा भावना से प्रेरित होकर किया गया है। अस्पताल प्रशासन और शहरवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अगर और लोग भी ऐसा सहयोग करें, तो सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार लाया जा सकता है।

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