भोपाल उत्सव मेला समिति, संस्कृति विभाग मध्य प्रदेश शासन और ब्रह्माकुमारीज सुख शांति भवन, मेडिटेशन रिट्रीट सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में विश्व ध्यान दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ राजयोगी भ्राता राम कुमार ने भारत के प्राचीनतम राजयोग ध्यान के वैज्ञानिक पहलू को समझाते हुए कहा कि राजयोग ध्यान में विचारों का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने यह बताया कि हमारे विचार न केवल हमारे आसपास के ब्रह्मांड तक पहुंचते हैं, बल्कि वे हमारे भाग्य का निर्माण भी करते हैं। विचारों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से “टेलीपैथी” कहा गया है और यह सत्य है कि हमारे विचार परमात्मा तक भी पहुंच सकते हैं, जो योग या ध्यान के माध्यम से संभव होता है। इसके बाद ब्रह्माकुमारी बहनों ने ध्यान कराया जिसमें सभी प्रतिभागियों ने अपने आंतरिक चेतना को जागृत कर आंतरिक शांति एवं पवित्रता की अनुभूति की। कार्यक्रम में सभी ने मिलकर विश्व की शांति के लिए सकारात्मक ऊर्जा और शुभकामनाएं भेजी। इस अवसर पर प्रमुख अतिथियों में राजयोगिनी नीता दीदी (डायरेक्टर, सुख शांति भवन), अजय सोगानी (महामंत्री, भोपाल उत्सव मेला), महेश साहू (एडवोकेट), भ्राता राजेश शाहू, भ्राता सुरेश गुप्ता और भ्राता राकेश श्रीवास्तव भी उपस्थित थे। राजयोगिनी नीता दीदी ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ का मुख्य आधार योग है और संस्थान ने स्थापना के समय से ही विश्वभर में योग का संदेश दिया है। राजयोग मेडिटेशन की ताकत से लाखों लोग जीवन जीने की कला सीख चुके हैं और अब हम ध्यान के माध्यम से भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। आखिरकार, श्रीमद्भागवत गीता का संदर्भ देते हुए बताया गया कि ध्यान के माध्यम से हम अपने मन को एकाग्र कर सकते हैं और नकारात्मकता से बच सकते हैं।


