आदिवासी सबसे बड़े हिंदू:छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बोले- कई एजेंसियां सनातन को कमजोर करने में लगी हैं

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि आदिवासी सबसे बड़े हिंदू हैं। हमारे आदिवासी लोग सरना को मानते हैं, जहां देवी देवता का प्रथम स्वरूप स्थापित करते हैं। बस्तर के बैगा उसके पुजारी होते हैं। गौरी गौरा वहां विराजते हैं,गौरी गौरा और शिव पार्वती दोनों एक ही है। आदिवासी बहुत पहले से उन्हें पूछते पूजते हैं,इसलिए मैंने कहा आदिवासी सबसे बड़े हिंदू हैं। आज देश में कई एजेंसियां सनातन को कमजोर करने का काम कर रही हैं जो कि गलत है। ये बातें विष्णुदेव साय ने रायपुर में महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती पर धर्मरक्षा महायज्ञ में कहीं। कार्यक्रम में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत भी शामिल थे। प्रदेश की राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में ये कार्यक्रम आयोजित किया गया था। धर्मरक्षा महायज्ञ एवं वैदिक सनातन संस्कृति सम्मेलन नाम के इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा द्वारा तैयार पुस्तिका “चुनौतियों का चिंतन” का विमोचन किया। मुख्यमंत्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती को यादकर कहा- आर्य समाज को मानव कल्याण का कार्य करते हुए आज 150 वर्ष पूरे हो गए हैं। आर्य समाज के द्वारा निरंतर देश सेवा, धर्म-संस्कृति की रक्षा तथा जनजागरण का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री जी प्राकृतिक खेती और देशी नस्ल की गायों के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रहे हैं। प्रदेश सरकार निश्चित रूप से इस दिशा में अपने प्रयासों को और अधिक गति देगी। साय ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में हमारी सरकार ने मोदी की गारंटियों को पूरा करने का कार्य किया है। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने महर्षि दयानंद की संपूर्ण जीवन-यात्रा और उद्देश्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक कृषि और देशी गौवंश की रक्षा एवं उनका संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर यदि हम गौपालन को लाभकारी बनाएंगे, तो समाज में उसकी रक्षा हेतु स्वाभाविक चेतना विकसित होगी। इससे सड़कों पर पशुओं के विचरण की समस्या स्वतः समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जैविक खेती के माध्यम से हम स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *