भास्कर न्यूज | अमृतसर इस बार अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को है जिसे अबूझ मुहूर्त कहते हैं। इसका मतलब है कि इस दिन कोई भी शुभ काम बिना मुहूर्त देखे किया जा सकता है। अक्षय तृतीया का दिन शुभ-मांगलिक कार्य के लिए बहुत ही शुभ होता है। इस दिन शादी, विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य बिना कोई मुहूर्त देखे किए जा सकते हैं, इसलिए लोग इस दिन नए काम शुरू करते हैं। इस दिन सोना-चांदी खरीदना अच्छा माना जाता है, ऐसा माना जाता है कि इससे घर में समृद्धि आती है। वहीं कई लोग सेंधा नमक के अलावा नए कपड़े भी खरीदते हैं। पौराणिक मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन महाभारत युद्ध की समाप्ति हुई थी। ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, अक्षय तृतीया को स्वयं सिद्धि मुहूर्त भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन किसी शुभ मुहूर्त को देखे बिना कोई भी कार्य किए जा सकते हैं। अक्षय तृतीया को आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है । अक्षय तृतीया पर भगवान परशुराम जयंती भी मनाई जाती है। इस दिन माता लक्ष्मी की विशेष विधि विधान से पूजा-अर्चना का विधान है। पंडित गोल्डी शर्मा का कहना है कि अक्षय तृतीया पर बहुत से शुभ योग बन रहे हैं। सोने की खरीदारी का शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त सुबह 5.41 बजे से दोपहर 2.12 बजे तक है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा भी की जाती है। पूजा करने के लिए सुबह 5. 41 बजे से दोपहर 12. 18 बजे तक का समय शुभ है। वहीं इसी दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जो कि बहुत खास है। वहीं अक्षय तृतीया पर पूजा का शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार 29 अप्रैल शाम 5.31 बजे से 30 अप्रैल दोपहर 2.12 बजे तक है। 30 अप्रैल को पूजा और खरीदारी करना बहुत अच्छा रहेगा। पंडित सोहन लाल शास्त्री के मुताबिक अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है और घर में बरकत बनी रहती है। जबकि अक्षय तृतीया के दिन नमक खरीदने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर नमक खरीदने और दान करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। साथ ही सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है। अक्षय तृतीया के दिन सेंधा नमक की खरीदारी की जाती है जिससे लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं। इससे घर का वास्तु दोष भी दूर होते हैं और धन संपत्ति में इजाफा होकर मानसिक शांति मिलती है।


