नवाजतन वॉरियर्स:1500 शिक्षकों का चैलेंज, 100 ने ऐसी लगन से पढ़ाया कि क्लास के 100% छात्र ‘हिंदी-गणित’ में हुए दक्ष

छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा का बजट 21,000 करोड़ रुपए से अधिक है। इसी में सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के लिए 10 योजनाओं का फंड भी है। इसी के साथ एक सरकारी शिक्षक के एक इनोवेटिव आइडिया और इस पर 10 शिक्षकों के विचारों ने एक ऐसी चुनौती खड़ा किया, जिसने 1 साल में छात्रों को ‘हिंदी-गणित’ में 100 प्रतिशत निपुण कर दिया। शिक्षकों ने बिना खर्च एक आइडिया बनाया। इसके बाद गाइडलाइन बनाई और स्कूलों में ऑनलाइन और ऑफलाइन मूल्यांकन किए। 1500 शिक्षकों में 100 शिक्षक चैलेंज पूरा कर सके, जिन्हें ‘नवाजतन वॉरियर्स’ नाम दिया गया है। दरअसल, नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में फंडामेंटल लिट्रेसी न्यूमेरिसी (एफएलएन) यानी की मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को विकसित करने का प्रावधान किया गया। प्रदेश में इसके तहत 2027 तक शत-प्रतिशत छात्रों को मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान आना ही चाहिए। इस चैलेंज के जरिए शिक्षक इसे 2025 में ही पूरा कर रहे हैं। अब इस सफल इनोवेटिव आइडिया को ब्लॉक लेवल तक ले जाने की योजना है। एफएलएन प्रकोष्ठ प्रभारी सुनील मिश्रा ने कहा- शिक्षकों का आइडिया और प्रयास बेहद सराहनीय है। निश्चिततौर पर इससे शिक्षा का स्तर और बेहतर होगा। मई 2024 में शुरू हुई चैलेंज: आंकलन का आधार NEP 2020 में उल्लेखित FLN के बिंदु, NCF फॉउंडेशनल स्टेज और NCF-SE रहे। पहला चरण: रजिस्ट्रेशन- शिक्षकों को ऑनलाइन सूचित किया गया कि वे 100प्रतिशत छात्रों को हिंदी-गणित में निपुण करने का चैलेंज लेते हैं तो पंजीयन करवाएं। – 1500 शिक्षकों ने गूगल फॉर्म से रजिस्ट्रेशन करवाया।
दूसरा चरण: ऑनलाइन मूल्यांकन- शिक्षकों को ऑनलाइन गूगल मीट पर प्रश्न-पत्र भेजे। इन्हें छात्रों के साथ साझा किया। – 500 शिक्षक इस चरण में पास हुए, क्योंकि छात्रों ने सवालों के सही-सही जवाब दिए थे।
तीसरा चरण: ऑफलाइन मूल्यांकन- अब बारी थी 500 चयनित शिक्षकों के स्कूल में पहुंचकर ऑफलाइन मूल्यांकन की। इसके लिए डाइट, बीईओ और शिक्षकों की टीमें बनाईं गईं – 100 शिक्षक मापंदड पर खरे उतरे। (नोट- शिक्षकों ने चैलेंज मई 2024 में लिया। इन्हें स्वयं के मूल्यांकन के लिए 9 महीने का समय दिया गया।) 26 अप्रैल को 100 शिक्षकों का सम्मान: इनोवेशन में खरे उतरे 100 नवाजतन वॉरियर्स का 26 अप्रैल को रायपुर में आइडिया जनरेट करने वाले शिक्षकों और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा सम्मान किया जाएगा। इनमें 12 शिक्षक बेमेतरा, 10 धमतरी, राजनांदगांव, मोहल्ला मानपुर, गरियाबंद से 6-6 शिक्षक शामिल हैं। आयोजन में एससीईआरटी की संचालक दिव्या उमेश मिश्रा, डीपीआई के अतिरिक्त संचालक डॉ. योगेश शिवहरे और उप संचालक आशुतोष चावरे शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। नवाजतन एनईपी बेस्ड एजुकेशन {इनकी पहल- राजकुमार जलतारे, शासकीय कन्या मिडिल स्कूल नवागढ़, जांजगीर चांपा। द्रोण साहू, प्रधान पाठक प्राइमरी स्कूल बिजेमाल, पिथौरा, महासमुंद। सुमित पांडेय, मिडिल स्कूल पंडरिया, कबीरधाम। दीपेश पुरोहित, मिडिल स्कूल बोरसी, शक्ति। तारकेश्वर देवांगन, सेवानिवृत्त शिक्षक बेमेतरा। अन्य 60 शिक्षक। जब एससीईआरटी में शिक्षक प्रशिक्षण चल रहा था, तो शिक्षकों का फीडबैक था कि हम सबको मोटिवेशन की जरूरत है। वहीं से आइडिया आया कि कुछ ऐसा किया जाए, ताकि शिक्षक मोटिवेट हों। मुझे लगता है कि हमारा प्रयास सफल रहा।
राजकुमार जलतारे, शिक्षक, जांजगीर

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