ईडी दफ्तर के बाहर तैनात क्राइम ब्रांच के दो अफसर, चाय-स्ट्रीट फूड वालों से लेते थे इनपुट महादेव सट्टा एप के प्रमोटर्स को प्रोटेक्शन देने के लिए आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों की मुखबिरी भी छत्तीसगढ़ के एक पुलिस अफसर ने कराई थी। इसके लिए रायपुर स्थित ईडी दफ्तर के बाहर पांच मुखबिरों को भी तैनात किया गया था। इसके लिए सट्टा एप प्रमोटर्स संबंधित पुलिस अफसर को बड़ी रकम मुहैया कराते थे। महादेव सट्टा एप की चार्जशीट की पड़ताल में खुलासा हुआ है। इसमें मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार छत्तीसगढ़ पुलिस के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) चंद्रभूषण वर्मा सहित कई अन्य के आरोपियों के बयान शामिल हैं। चार्जशीट के मुताबिक एएसआई चंद्रभूषण वर्मा ने सुनील ओटवानी, राकेश वर्मा (सब इंस्पेक्टर) डॉ. सलिक, हेमेंद्र साहू और अरविंद गोयनका को 20 जुलाई 2023 को ईडी की होने वाली कार्रवाई का इनपुट दिया था। रायपुर में इनकम टैक्स (आईटी) और ईडी अफसरों के पहुंचने की जानकारी रायपुर में पदस्थ एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी ने कॉल करके चंद्रभूषण को दी थी। ईडी के पास दर्ज बयानों में कहा गया है कि ईडी अफसरों के मूवमेंट की मुखबिरी कराने के लिए क्राइम ब्रांच रायपुर के दो अफसरों को ईडी दफ्तर के बाहर तैनात किया गया था। इस्पात कंपनी के डायरेक्टर सहित 6 को भेजा गया था वॉट्सअप मैसेज एएसआई चंद्रभूषण वर्मा ने 20 जुलाई 2023 की रात रायपुर में इनकम टैक्स और ईडी अफसरों के मूवमेंट की रिपोर्ट सतीश चंद्राकर, सुनील ओटवानी सहित 6 लोगों को वाट्सएप मैसेज भेजकर अलर्ट किया था। इसके अलावा वर्मा ने एक अफसर के यहां तैनात प्यून हेमेंद्र साहू, श्रीराम इस्पात सिलतरा के डायरेक्टर अरविंद गोयनका, गवर्मेंट आयुर्वेदिक कॉलेज में कार्यरत डॉ. सलिक और अपने छोटे भाई राकेश वर्मा को मैसेज भेजकर अलर्ट किया था। राकेश वर्मा, छत्तीसगढ़ पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत था। होटल कर्मियों ने की थी अफसरों की निगरानी भास्कर की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि हेड कांस्टेबल संदीप दीक्षित और राधाकांत पांडे को वीआईपी रोड स्थित अलग-अलग होटलों में रात में केंद्रीय एजेंसियों के अफसरों के चेक इन की जानकारी मिली थी। हेड कांस्टेबल संदीप और राधाकांत पांडे को अफसरों के मूवमेंट की सूचना होटल वीडब्ल्यू केन्यन, ग्रैंड इंपीरिया, होटल ट्राइटन, होटल बेबीलोन कैपिटल के कर्मचारियों ने दी थी। केंद्रीय एजेंसियों के मूवमेंट की रिपोर्ट दोनों हेड कांस्टेबल एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी को देते थे। एजेंसी के संदेहियों को अलर्ट किया
ईडी की जांच रिपोर्ट के मुताबिक एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी, हेड कांस्टेबल संदीप और राधाकांत पांडे से मिला इनपुट एएसआई चंद्रभूषण वर्मा को देते थे। वर्मा ने पूछताछ के दौरान ईडी अफसरों को बताया कि एडिशनल एसपी माहेश्वरी द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के मूवमेंट की दी गई सूचना सरकार से जुड़े उन सभी से शेयर करने की जिम्मेदारी दी थी, जिन पर रेड होने का संदेह है। उन्हीं निर्देशों के तहत 20 जुलाई 2023 को केंद्रीय एजेंसियों के मूवमेंट की सूचना संबंधितों को वाट्सएप मैसेज के मार्फत दी थी। मुखबिरों का ऐसे चलता था
अलर्ट सिस्टम पुलिस ने 4-5 लोकल मुखबिरों की मदद ली थी। मुखबिरों में चाय वाला, स्ट्रीट फूड वेंडर शामिल हैं। मुखबिर अपना इनपुट हेड कांस्टेबल संदीप दीक्षित और राधाकांत पांडे को देते थे। इसके बाद दोनों हेड कांस्टेबल मुखबिरों से मिली सूचनाएं एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी को भेजते थे। इसकी पुष्टि चंद्रभूषण वर्मा के ईडी को दिए गए बयानों से हुई है।


