वक्फ कानून पर मुर्शिदाबाद में हिंसा-सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज:मांग- न्यायिक जांच आयोग बने; कलकत्ता हाईकोर्ट भी सेंट्रल फोर्स की तैनाती पर फैसला सुनाएगा

सुप्रीम कोर्ट आज पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में नए वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करेगा। याचिका एडवोकेट शशांक शेखर झा ने दायर की है। जिसमें मांग की गई है कि हिंसा की जांच अदालत की निगरानी में की जाए। इस जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में पांच सदस्यों वाले न्यायिक जांच आयोग के गठन की मांग भी की गई है। मामला जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एनके सिंह की बेंच में लिस्टेड है। इधर, कलकत्ता हाईकोर्ट भी हिंसा प्रभावित इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती को लेकर फैसला सुनाएगा। पिछली सुनवाई में 3 सदस्यों वाले पैनल को हिंसा प्रभावित इलाकों में जाने का निर्देश दिया गया था। याचिका में मांग- ममता सरकार स्टेटस रिपोर्ट दे याचिका में ममता सरकार को वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों/दंगों पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देने की मांग की गई है। इसे अलावा किसी भी समुदाय के संबंध में किए गए घृणास्पद भाषणों पर कार्रवाई करने और उन पर अंकुश लगाने का भी निर्देश देने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने यह भी अपील की है कि मुर्शिदाबाद हिंसा में मारे गए लोगों और पीड़ितों को पर्याप्त मुआवजा भी दिलवाया जाए। सुप्रीम कोर्ट में कानून की संवैधानिकता पर सुनवाई जारी सुप्रीम कोर्ट में पिछले हफ्ते लगातार 2 दिन सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 7 दिन का वक्त दिया है। सरकार के जवाब के बाद याचिकाकर्ताओं को 5 दिन में जवाब देना होगा। अगली सुनवाई 5 मई को दोपहर 2 बजे होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून के खिलाफ दायर 70 से ज्यादा याचिकाओं की जगह सिर्फ 5 याचिकाएं ही दायर की जाएं। उन्हीं पर सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र का जवाब आने तक वक्फ घोषित संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने को कहा। तब तक सरकार को तीन निर्देश मानने होंगे। हिंसा प्रभावित इलाकों में सेंट्रल फोर्स की तैनाती पर फैसला आज कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल के हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद जिले में केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रखने पर 17 अप्रैल को आदेश सुरक्षित रख लिया था। जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस राजा बसु चौधरी की बेंच नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी की याचिका पर सुनवाई कर रही है। जिले के सुती और समसेरगंज-धुलियान के अशांत इलाकों में फिलहाल केंद्रीय बलों की करीब 17 कंपनियां तैनात हैं। याचिका में हिंसा से विस्थापित लोगों की उनके घरों में वापसी के लिए राज्य सरकार की तरफ से कदम उठाए जाने का अपील की गई है। हाईकोर्ट ने सुझाव दिया था कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, पश्चिम बंगाल राज्य मानवाधिकार आयोग और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से एक-एक सदस्य वाला पैनल हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करे। AIMPLB ने 87 दिन प्रदर्शन का ऐलान ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के ‘वक्फ बचाव अभियान’ का पहला फेज 11 अप्रैल से शुरू हो गया है। यह विरोध 7 जुलाई तक यानी 87 दिन चलेगा। इसमें वक्फ कानून के विरोध में 1 करोड़ हस्ताक्षर कराए जाएंगे, जो PM मोदी को भेजे जाएंगे। इसके बाद अगले फेज की रणनीति तय की जाएगी। NCW की टीम ने किया मुर्शिदाबाद का दौरा राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने रविवार को पश्चिम बंगाल सरकार से मुर्शिदाबाद जिले के दंगा प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां के लोगों, विशेषकर महिलाओं की शिकायतों के समाधान के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान करते हुए कहा कि आयोग एक रिपोर्ट तैयार कर रहा है, जिसे जल्द ही केंद्र को सौंपा जाएगा और इसकी प्रतियां राज्य के शीर्ष अधिकारियों को भेजी जाएंगी।

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