वक्फ बिल को लेकर भाजपा अब ग्राउंड लेवल पर लोगों को जागरूक करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने अजमेर में बिल का विरोध करने पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को निशाने पर लिया। उनका कहना था कि जब से मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, जो भी बिल लाया जाता है विपक्ष उसका विरोध करता है। वक्फ संशोधन बिल मुस्लिम समुदाय के लोगों के हित में लाया गया बिल है। लेकिन विपक्ष की आदत बन गई है कि जो कानून बने उसका विरोध करना है। सीएए, 3 तलाक, धारा 370 संबंधित बिलों को लेकर भी विरोध किया गया था। चौधरी ने कहा कि कांग्रेस ने मुसलमानों को हमेशा वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है। विपक्ष षड्यंत्र के तहत पाकिस्तान की भाषा बोलता है। अल्पसंख्यक ही कह रहे हैं कि कानून से हमारा फायदा है, वक्फ में दी गई जमीन पर समाज के कुछ ठेकेदारों ने कब्जा जमा रखा है और वक्फ की संपत्ति लूटने में लगे हैं। जो जमीन दान दी गई उन पर कॉलोनियां काट दी गई। आने वाले समय में ऐसे लुटेरों से जमीन वापस लेकर मुस्लिम समुदाय के लिए स्कूल, वृद्धाश्रम, अस्पताल आदि बनाए जाएंगे। इस दौरान विधायक अनिता भदेल, जिलाध्यक्ष रमेश सोनी, देहात जिला अध्यक्ष जीतमल प्रजापत, अरविंद यादव, प्रोफेसर बीपी सारस्वत, अनीश मोयल, रचित कच्छावा, अल्पसंख्यक मोर्चा जिला अध्यक्ष शफीक खान, सैयद अफशान चिश्ती, आसिफ नकवी, जावेद कुरैशी, मेहराज मियां, अलीम शेख, जैनुल आबेदीन आदि मौजूद रहे। जागरूकता कार्यशाला का आयोजन भाजपा अजमेर देहात द्वारा रविवार को अजमेर स्थित भाजपा कार्यालय में वक्फ संशोधन बिल जन जागरण कार्यशाला हुई। मुख्य वक्ता पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वक्फ जागरण अभियान के संयोजक कैलाश चौधरी रहे। अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मजीद मलिक कमांडो ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को आमजन तक सही जानकारी पहुंचाकर इस बिल के वास्तविक लाभ बताने चाहिए। जिलाध्यक्ष जीतमल प्रजापत, ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत, मसूदा विधायक वीरेंद्र सिंह कानावत, शिवराज चौधरी, जिला महामंत्री पवन जैन, पूर्व जिला प्रमुख सरिता गैना, वंदना नोगिया, राजेंद्र रावत, शाकिर खान, सुनीता चौधरी, शक्ति सिंह रावत, अर्जुन सिंह रावत, प्रकाश रावत मौजूद रहे।


